ज्ञानेश कुमार के रहते निष्पक्ष चुनाव असंभव: सपा नेता फखरुल हसन चांद, सांसद अवधेश प्रसाद का भी हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के नेता फखरुल हसन चांद ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर रहते हुए देश में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमज़ोर करने का प्रयास किया है और सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग के मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
मुख्य आरोप और बयान
फखरुल हसन चांद ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले भी यह माँग उठा चुके हैं कि सर्वोच्च न्यायालय ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के पूरे प्रकरण पर स्वतः संज्ञान ले। उनका तर्क है कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति भाजपा सरकार की इच्छा से हुई है, इसलिए उनसे निष्पक्षता की अपेक्षा रखना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो पूर्व निर्णय था, भाजपा ने उसे पलट दिया, जबकि वही व्यवस्था लागू होनी चाहिए थी।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल
चांद ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बंगाल का मामला बेहद चौंकाने वाला है, जहाँ बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही उन्हें वापस जोड़ा गया। उनके अनुसार समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग के समक्ष 18,000 से अधिक एफिडेविट दाखिल किए थे, परंतु उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सपा का स्पष्ट मत है कि SIR की पूरी प्रक्रिया बंद होनी चाहिए।
चुनाव आयोग की बैठक पर प्रतिक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग की शनिवार को हुई अहम बैठक में SIR को लेकर कई फैसले लिए गए। इस पर चांद ने कहा कि जब भी कोई पर्दाफाश होता है, तब भाजपा सक्रिय हो जाती है और चुनाव आयोग बड़ी बैठकें व बड़े बयान देने लगता है। उनके अनुसार कुछ समय बाद परिस्थितियाँ पहले जैसी हो जाती हैं और आयोग की भूमिका पर फिर सवाल उठने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सत्तापक्ष पर कभी कार्रवाई नहीं करता, जबकि विपक्ष-शासित राज्यों में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए जाते हैं।
अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का हमला
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग एक-दूसरे के सहयोगी बन गए हैं — सरकार आयोग का सहयोग कर रही है और आयोग सरकार की मदद। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सीधा खतरा बताया। प्रसाद ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्तर तक चुनाव आयोग के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि सत्तापक्ष का भरोसा जनता पर नहीं, बल्कि आयोग पर है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की सरकार बनेगी।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सपा का रुख
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की चार्जशीट पर सपा नेता ने सतर्क रुख अपनाया। चांद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एसआईटी गठित की है और जब उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक हो, तभी स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी पर सुप्रीम कोर्ट को भरोसा नहीं था, इसलिए पार्टी पुलिस चार्जशीट पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी। यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और आगे सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में रहेगा।