27 सितंबर 2026
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एसआईआर विवाद: राहुल के चुनाव आयोग पर हमले का रिजिजू और भाजपा नेताओं ने किया तीखा पलटवार

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एसआईआर विवाद: राहुल के चुनाव आयोग पर हमले का रिजिजू और भाजपा नेताओं ने किया तीखा पलटवार

सारांश

राहुल गांधी की 24 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एसआईआर विवाद पर सियासी तापमान चढ़ा हुआ है। रिजिजू से लेकर नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री साई तक, भाजपा ने एकजुट होकर पलटवार किया — और मुख्य चुनाव आयुक्त की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को अपनी 'सफाई' का हथियार बनाया।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने 27 सितंबर 2026 को राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए बयानों का खंडन किया।
राहुल गांधी ने 24 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली का दावा किया था।
भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी अब तक 90 चुनाव हार चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार , सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग के भीतर एकमत होने की पुष्टि की।
छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साई ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को 'बदनाम' करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए बयानों का खंडन किया। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि गांधी के शब्दों को समाज में प्रसारित करना गलत संदेश फैलाने जैसा होगा। यह विवाद एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच बढ़ती खींचतान की ताज़ा कड़ी है।

राहुल गांधी के आरोप और प्रेस कॉन्फ्रेंस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 24 सितंबर 2026 को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जहाँ कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के विरुद्ध सत्ता-विरोधी लहर काम करती है, वहीं भाजपा के मामले में वह प्रभावहीन हो जाती है। गांधी ने 2024 के लोकसभा और कई विधानसभा चुनावों में व्यापक धांधली का आरोप भी लगाया।

भाजपा नेताओं का पलटवार

भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे अब तक 90 चुनाव हार चुके हैं और अपनी साख बचाने की कोशिश में लगे हैं। मिश्रा ने कहा, 'कभी वो हाइड्रोजन बम लाते हैं, कभी सूतली बम, कभी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, कभी वोट चोरी की बात करते हैं। परसों उन्होंने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उससे एक बात साबित हो गई — अगर वो वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं तो ईवीएम सही हैं, इसलिए उन्हें ईवीएम के आरोपों के लिए देश से माफी माँगनी चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि 'वोट चोरी नहीं हो रहे — लोगों ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया है।'

मुख्यमंत्री साई और चुनाव आयोग की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 100 से अधिक बार चुनाव हार चुकी कांग्रेस अब हताशा में अपने नेता को 'राष्ट्रविरोधी आचरण' का सहारा लेते देख रही है। साई ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा अन्य दो आयुक्तों — सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी — द्वारा आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह सिद्ध हो गया कि आयोग के भीतर कोई मतभेद नहीं है और निर्णय सर्वसम्मत था। उनके अनुसार, कांग्रेस के सभी दावे 'खोखले' हैं और यह भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की सुनियोजित कोशिश है।

भाजपा मीडिया प्रभारी की प्रतिक्रिया

भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी जब भी देश को बदनाम करने या संवैधानिक संस्थानों का अपमान करने का अवसर मिलता है, वे सबसे आगे रहते हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाए हों — ईवीएम विवाद से लेकर मतदाता सूची पुनरीक्षण तक, यह बहस लंबे समय से जारी है।

आगे क्या

एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर यह सियासी संग्राम संसद के आगामी सत्र में भी गूँजने की संभावना है। विपक्ष की माँग है कि चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जाए, जबकि सत्तापक्ष संस्थाओं की विश्वसनीयता को चुनौती देने के प्रयासों को अस्वीकार करता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसे ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य के साथ प्रस्तुत न करना उसकी स्थिति को कमज़ोर करता है। दूसरी ओर, भाजपा का पलटवार भी मुद्दे की जड़ — मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता — को संबोधित करने से बचता नज़र आता है। चुनाव आयोग की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आंतरिक एकता तो दिखाती है, पर जनता के मन में उठे सवालों का जवाब देना किसी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से संभव नहीं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर विवाद क्या है और इस पर सियासत क्यों गरमाई है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की प्रक्रिया है। राहुल गांधी ने 24 सितंबर 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने कड़ा पलटवार किया।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर क्या कहा?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के शब्दों को समाज में फैलाना गलत संदेश देगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
राहुल गांधी ने 24 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या दावे किए?
राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और कई विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के विरुद्ध सत्ता-विरोधी लहर काम करती है, लेकिन भाजपा के मामले में वह प्रभावहीन हो जाती है।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दो आयुक्तों — सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी — ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें आयोग के भीतर किसी भी मतभेद से इनकार किया गया और निर्णय को सर्वसम्मत बताया गया।
इस विवाद में भाजपा के अन्य नेताओं ने क्या कहा?
भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी 90 चुनाव हार चुके हैं और साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने गांधी को देश की छवि धूमिल करने वाला नेता बताया।
राष्ट्र प्रेस
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