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क्या राहुल गांधी का आरोप सही है, मतदाताओं को हटाने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल हो रहा है?

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क्या राहुल गांधी का आरोप सही है, मतदाताओं को हटाने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल हो रहा है?

सारांश

राहुल गांधी के ताजा आरोपों ने गुजरात और अन्य राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने इसे वोट चोरी का एक संगठित प्रयास बताया है। जानें इस मामले की गहराई।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने एसआईआर को वोट चोरी का माध्यम बताया।
सैकड़ों आपत्तियां एक ही नाम से दायर की गई हैं।
यह प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती है।
भाजपा पर आरोप है कि वह चुनावी समानता को कमजोर कर रही है।
विपक्षी पार्टियों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।

नई दिल्ली/अहमदाबाद, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को चुनावी वोटर लिस्ट के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात और अन्य राज्यों में चुनावी वोटर लिस्ट बनाने की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल 'प्लान्ड और रणनीतिक वोट चोरी' के हथियार के तौर पर किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके दावा किया कि जहां भी एसआईआर लागू किया गया है, वहां यही पैटर्न सामने आया है।

उन्होंने कहा, "जहां भी एसआईआर है, वहां वोट की चोरी है," और आरोप लगाया कि प्रशासनिक प्रक्रिया के नाम पर गुजरात में जो किया जा रहा है, वह "बिल्कुल भी प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि वोट चुराने की एक जानबूझकर, संगठित और रणनीतिक कोशिश है।" स्थिति को 'चौंकाने वाला और खतरनाक' बताते हुए, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हजारों आपत्तियां एक ही नाम से दायर की गई हैं।

उन्होंने कहा, "सबसे चिंताजनक बात यह है कि हजारों-हजार आपत्तियां एक ही नाम से दर्ज की गई हैं," और सवाल किया कि बिना जांच के ऐसे आवेदन कैसे स्वीकार किए जा सकते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि समाज के खास वर्गों और कांग्रेस समर्थक माने जाने वाले बूथों के वोटरों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "चुने हुए वर्गों और कांग्रेस समर्थक बूथों से वोट काटे जा रहे हैं। जहां भी भाजपा को हार का डर लगता है, वहां वोटरों को ही सिस्टम से गायब कर दिया जाता है।"

पहले के मामलों से तुलना करते हुए, उन्होंने कहा कि यही पैटर्न आलंद और राजुरा में भी देखा गया था। उन्होंने कहा, "आलंद में भी इसी ब्लूप्रिंट का उपयोग किया गया था, राजुरा में भी ऐसा ही हुआ था, और अब वही ब्लूप्रिंट गुजरात, राजस्थान और हर उस राज्य में लागू किया जा रहा है जहां एसआईआर लागू किया गया है।"

राहुल गांधी ने सत्ताधारी भाजपा पर चुनावी समानता के संवैधानिक सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "एसआईआर को 'एक व्यक्ति, एक वोट' के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने का हथियार बना दिया गया है, ताकि लोग नहीं, बल्कि भाजपा यह तय करे कि कौन राज करेगा।"

राहुल गांधी की ये टिप्पणियां गुजरात में विपक्षी पार्टियों द्वारा इसी तरह के आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद आई हैं।

21 जनवरी को अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आम आदमी पार्टी के गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए नौ लाख से ज्यादा आवेदन दायर किए गए थे। उन्होंने कहा, "इतनी अचानक और बड़ी संख्या में आवेदन बहुत संदिग्ध हैं और इनका मकसद लोकतंत्र को कमजोर करना है," और दावा किया कि विपक्षी पार्टियों का समर्थन करने वाले माने जाने वाले वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने किस पर आरोप लगाया?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल वोट चोरी के लिए किया जा रहा है।
क्या अन्य पार्टियों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं?
हाँ, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं।
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या यह मामला लोकतंत्र को प्रभावित कर सकता है?
जी हाँ, अगर वोटरों को हटाया जा रहा है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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