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क्या एसआईआर तकनीकी रूप से पूरी तरह गलत है? कुणाल घोष का बयान

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क्या एसआईआर तकनीकी रूप से पूरी तरह गलत है? कुणाल घोष का बयान

सारांश

पश्चिम बंगाल के टीएमसी नेता कुणाल घोष ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। क्या यह सच में तकनीकी रूप से गलत है? जानें उनके विचार और भाजपा पर उनके आरोपों के बारे में।

मुख्य बातें

कुणाल घोष ने एसआईआर पर प्रश्न उठाए हैं।
भाजपा पर फर्जी मतदाताओं की संख्या बढ़ाने का आरोप।
टीएमसी ने मतदाता सुरक्षा शिविर स्थापित किए हैं।

कोलकाता, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।

टीएमसी नेता ने कहा कि तकनीकी दृष्टि से यह पूरी तरह से असंभव है। यदि आप एक वास्तविक मतदाता और भारत के नागरिक हैं, तो आपका नाम एसआईआर में होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो इससे भी गंभीर बात यह है कि यदि आपका नाम सीएए कैंप में लिया जा रहा है, तो इसका अर्थ है कि आप भारतीय नागरिक नहीं हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी बयान पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। जब राहुल गांधी भाजपा के चुनावी धांधलियों के खिलाफ बोलते हैं, तो उन्हें यह अधिकार है, क्योंकि भाजपा इन कार्यों के लिए जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के प्रयास भाजपा को बेनकाब करते हैं, लेकिन यह पहले ही किया जाना चाहिए था। अगर महाराष्ट्र या दिल्ली में ऐसा हुआ होता तो शायद भाजपा वहां सफल नहीं होती।

डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के पर्यवेक्षक समीम अहमद ने कहा कि हमारे सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व को निर्देश दिया है कि कोई भी वैध मतदाता छूट न जाए, इसलिए हमने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सुरक्षा शिविर स्थापित किए हैं।

वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हमेशा तनाव बना रहता है। हमारा मानना है कि लगभग 1.5 करोड़ फर्जी मतदाता सूची में हैं, जिनमें 50-60 लाख मृत व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनके नाम अभी भी सूची में हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद नाम नहीं हटाए जा रहे हैं। लगभग 13 लाख लोगों के आधार कार्ड रद्द किए गए हैं और वे वोट नहीं दे सकते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की प्रभावशीलता और नागरिक अधिकारों की रक्षा का सवाल है। सभी पक्षों को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष ने एसआईआर पर क्या कहा?
कुणाल घोष ने कहा कि एसआईआर तकनीकी रूप से पूरी तरह गलत है और यह असंभव है कि वास्तविक मतदाता का नाम इसमें न हो।
भाजपा ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में फर्जी मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक है और यह एक गंभीर समस्या है।
टीएमसी ने मतदाता सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
टीएमसी ने मतदाता सुरक्षा शिविर स्थापित किए हैं ताकि कोई भी वैध मतदाता छूट न जाए।
राष्ट्र प्रेस
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