क्या किसी भी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा: कुनाल घोष?

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क्या किसी भी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा: कुनाल घोष?

सारांश

क्या मतदान के अधिकार से किसी भी पात्र मतदाता को वंचित नहीं किया जाएगा? तृणमूल कांग्रेस के नेता कुनाल घोष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें पूरी खबर!

मुख्य बातें

कुनाल घोष ने भाजपा को एसआईआर पर निशाना बनाया।
किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदान में भाग लेने देना है।

कोलकाता, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के नेता कुनाल घोष ने गुरुवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा भले ही यह दावा करे कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से लोग दिग्भ्रमित नहीं होंगे, लेकिन यह सच नहीं है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान हमारी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य यही है कि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए। ऐसा होने पर हम इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि हम सभी मतदाताओं को आश्वस्त करते हैं कि यदि वे पात्र हैं और उनके पास सभी आवश्यक कागजात हैं, तो उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारी सरकार सुनिश्चित करेगी कि किसी को भी मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए।

टीएमसी नेता ने कहा कि यदि हम एसआईआर के दौरान उपयोग में आने वाले दस्तावेजों की बात करें, तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि वर्तमान में आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों पर चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि मैं एसआईआर प्रक्रिया में प्रयुक्त दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। मुझे लगता है कि यह कार्य प्रशासनिक अधिकारियों और चुनाव आयोग का है। दोनों मिलकर दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करेंगे। अंत में, मैं यही कहना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी भी कीमत पर किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होने देंगी। हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में इस तरह की स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि हर एक मतदाता का मतदान का अधिकार एक बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी स्थिति में इसे समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। सत्ताधारी दल को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सूची पुनरीक्षण का क्या महत्व है?
मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र मतदाता अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकें और कोई भी मतदाता छूट न जाए।
क्या सभी मतदाताओं को एसआईआर के दौरान अपने दस्तावेज लाने होंगे?
हां, सभी पात्र मतदाताओं को एसआईआर के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे ताकि उनकी पहचान और पात्रता सुनिश्चित की जा सके।
क्या कोई मतदाता बिना आधार कार्ड मतदान कर सकता है?
आधार कार्ड एक आवश्यक दस्तावेज है, लेकिन अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों को भी मान्यता दी जा सकती है।
क्या सरकार पात्र मतदाताओं को सुरक्षा प्रदान करेगी?
जी हां, सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो।
मतदाता सूची में नाम कैसे जोड़ा जा सकता है?
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए संबंधित चुनाव कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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