10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोलकाता गोदाम हादसा: तारातला में 3 मजदूरों की मौत, 18 अभी भी मलबे में फंसे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोलकाता गोदाम हादसा: तारातला में 3 मजदूरों की मौत, 18 अभी भी मलबे में फंसे

सारांश

कोलकाता के तारातला में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन गोदाम के ढहने से 3 मजदूरों की मौत हो गई और 18 अभी भी मलबे में दबे हैं। NDRF, सेना और पुलिस की संयुक्त टीमें जान बचाने की जद्दोजहद में लगी हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला इलाके में 24 जून 2026 की दोपहर एक निर्माणाधीन गोदाम ढह गया।
अब तक 21 मजदूरों को मलबे से निकाला गया, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है।
18 लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं; बचाव दल का उनसे संपर्क हो गया है।
NDRF , SDRF , कोलकाता पुलिस और सेना की चार टुकड़ियाँ संयुक्त बचाव अभियान में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कैबिनेट मंत्रियों के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति की समीक्षा की।

कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार, 24 जून 2026 की दोपहर एक निर्माणाधीन गोदाम के अचानक ढह जाने से 3 मजदूरों की मौत हो गई और 18 से अधिक लोग अभी भी मलबे में दबे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), कोलकाता पुलिस और भारतीय सेना की संयुक्त टीमें अभियान में जुटी हैं।

हादसे का घटनाक्रम

यह गोदाम बुधवार दोपहर अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके नीचे काम कर रहे दर्जनों मजदूर दब गए। सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप और SDRF की टीमें मौके पर पहुँची। बाद में NDRF और सेना को भी बुलाया गया। अब तक बचाव दल 21 मजदूरों को मलबे से बाहर निकालने में सफल रहे हैं, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है और शेष का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बचाव अभियान की स्थिति

NDRF के एक अधिकारी के अनुसार, 'हम मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभी भी काम कर रहे हैं। हमें सावधानी से आगे बढ़ना होगा क्योंकि मलबे के नीचे फंसे लोगों को नुकसान पहुँच सकता है।' 18 लोग अभी भी मलबे के भीतर हैं, हालाँकि बचाव कर्मियों ने उनसे संपर्क स्थापित कर लिया है, जो राहत की बात है।

सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि गोदाम ढहने की सूचना मिलते ही सेना की चार टुकड़ियाँ तत्काल तैनात की गईं। इनमें बचाव कर्मियों के साथ विशेष इंजीनियर और मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं, जो भारी कंक्रीट के मलबे में फंसे लोगों को खोजने में लगे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कैबिनेट के कुछ मंत्रियों के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने मीडिया को बताया, 'सभी एजेंसियाँ मिलकर काम कर रही हैं। हमने 21 लोगों को बचाया है, जिनमें से 3 की मौत हो गई है। लगभग 18 लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं और बचाव कर्मियों का उनसे संपर्क हो गया है।'

आम जनता और मजदूरों पर असर

यह हादसा उन मजदूरों के साथ हुआ जो निर्माणाधीन गोदाम में काम कर रहे थे। गौरतलब है कि शहरी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में मानसून की शुरुआत के साथ निर्माण स्थलों पर जोखिम बढ़ जाता है।

आगे क्या होगा

बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, अभियान रुकेगा नहीं। हादसे के कारणों की जाँच और निर्माण कार्य में लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे की कार्रवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

NDRF और पुलिस की त्वरित तैनाती सराहनीय है, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब यह पता चलेगा कि इस निर्माण को मंजूरी किसने दी और सुरक्षा ऑडिट क्यों नहीं हुआ। मजदूरों की जानें दाँव पर लगती रहती हैं, जबकि जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अक्सर हादसे की तरह ही दब जाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता तारातला गोदाम हादसा क्या है?
24 जून 2026 की दोपहर कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम अचानक ढह गया, जिसमें दर्जनों मजदूर दब गए। अब तक 3 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 18 लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), कोलकाता पुलिस डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप और भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड की चार टुकड़ियाँ संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं। सेना में विशेष इंजीनियर और मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं।
अब तक कितने लोगों को बचाया गया है?
बचाव दल अब तक 21 मजदूरों को मलबे से निकालने में सफल रहे हैं। इनमें से 3 की मौत हो गई है और शेष का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मलबे में फंसे लोगों से संपर्क हुआ है या नहीं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, बचाव कर्मियों का मलबे में फंसे करीब 18 लोगों से संपर्क हो गया है। हालाँकि NDRF अधिकारियों ने कहा कि उन्हें सावधानी से काम करना होगा ताकि फंसे लोगों को और नुकसान न पहुँचे।
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कैबिनेट के कुछ मंत्रियों के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने मीडिया को बताया कि सभी एजेंसियाँ मिलकर काम कर रही हैं और जब तक सभी फंसे लोगों को नहीं निकाल लिया जाता, अभियान जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले