11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तारातला हादसा: मलबे से 2 और शव बरामद, मृतकों की संख्या 7 हुई; गोदाम मालिक गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तारातला हादसा: मलबे से 2 और शव बरामद, मृतकों की संख्या 7 हुई; गोदाम मालिक गिरफ्तार

सारांश

तारातला में गोदाम ढहने की घटना और गंभीर होती जा रही है — 20 घंटे बाद भी मलबे से शव निकल रहे हैं और मृतकों की संख्या 7 हो गई है। एनडीआरएफ की टीमें जान बचाने की जद्दोजहद में हैं, जबकि पुलिस ने गोदाम मालिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला में गोदाम ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
गुरुवार, 25 जून की सुबह मलबे से 2 और शव बरामद हुए; बुधवार रात तक संख्या 5 थी।
गोदाम मालिक शंभूनाथ बहरा समेत अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एनडीआरएफ ने अब तक 16 लोगों को सुरक्षित और 5 को अचेत अवस्था में बाहर निकाला।
अभी भी 3 से 4 लोग मलबे में फंसे हैं; लाइफ डिटेक्शन डिवाइस और कटिंग ऑपरेशन जारी।

कोलकाता के तारातला इलाके में हुई भीषण इमारत ढहने की दुर्घटना में गुरुवार, 25 जून की सुबह मलबे से दो और शव निकाले गए, जिससे मृतकों की कुल संख्या 7 हो गई है। हादसे के 20 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) का बचाव अभियान पूरी ताकत से जारी है।

मृतकों की संख्या में इज़ाफा

बुधवार रात तक इस दुर्घटना में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। गुरुवार सुबह मलबे की गहरी परतों से 2 और शव बरामद होने के बाद यह आँकड़ा 7 पर पहुँच गया। अधिकारियों के अनुसार अभी भी 3 से 4 लोग मलबे में दबे हुए हैं और बचाव दल उन तक पहुँचने का प्रयास कर रहा है।

गोदाम मालिक समेत तीन गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोदाम के मालिक शंभूनाथ बहरा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस हादसे से जुड़े मामले में अब तक कुल 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जाँच कर रही है।

एनडीआरएफ का बचाव अभियान

एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन के कमांडेंट मनीष रंजन ने बताया कि अब तक 16 लोगों को सुरक्षित जीवित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि ढही हुई संरचना से 5 लोगों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया है। बचाव दल ने मलबे में दबे एक व्यक्ति तक पहुँचने का रास्ता बना लिया है और अगले आधे घंटे के भीतर उसे निकालने की उम्मीद जताई गई।

कमांडेंट रंजन ने बताया कि बचाव अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ढही हुई संरचना में कंक्रीट की कई परतें, लोहे की सरियाँ, गर्डर और टिन की चादरें शामिल हैं। फंसे हुए लोगों के आसपास नालियाँ, अस्थिर मलबा और भारी संरचनात्मक अवरोध होने के कारण टीम अत्यंत सावधानी से काम कर रही है।

विशेष तकनीक का उपयोग

एनडीआरएफ की टीमें विशेष सर्च उपकरणों और लाइफ डिटेक्शन डिवाइस की सहायता से पूरे क्षेत्र की लगातार स्कैनिंग कर रही हैं। कमांडेंट ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में वॉटर-प्रेशर रेस्क्यू तकनीक का उपयोग संभव नहीं है। फिलहाल स्थिरीकरण, कटिंग ऑपरेशन और आधुनिक उपकरणों के ज़रिये बचाव कार्य जारी है। जहाँ संभव हो रहा है, वहाँ फंसे लोगों को ऑक्सीजन और अन्य ज़रूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। गौरतलब है कि गोदाम की संरचनात्मक स्थिति और उसमें लोगों की मौजूदगी के कारण जाँच एजेंसियाँ लापरवाही के पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। बचाव अभियान के पूरा होने के बाद मृतकों की संख्या में और बदलाव संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहरी बुनियादी ढाँचे की उस पुरानी लापरवाही का नतीजा है जो बार-बार जानें लेती है। गोदाम में इतने लोगों की मौजूदगी और ढाँचे की जर्जर स्थिति पर सवाल उठने लाज़िमी हैं। गिरफ्तारियाँ ज़रूरी कदम हैं, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब यह स्पष्ट होगा कि किसकी अनुमति से यह गोदाम चल रहा था और निरीक्षण तंत्र कहाँ चूका। कोलकाता में यह पहली ऐसी घटना नहीं है — और जब तक संरचनात्मक ऑडिट और जवाबदेही तंत्र मज़बूत नहीं होते, यह आखिरी भी नहीं होगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारातला हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
25 जून 2025 की सुबह तक मलबे से 2 और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 7 हो गई है। बुधवार रात तक यह संख्या 5 थी।
तारातला हादसे में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने गोदाम के मालिक शंभूनाथ बहरा को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जाँच जारी है।
एनडीआरएफ ने तारातला में अब तक कितने लोगों को बचाया है?
एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन के अनुसार अब तक 16 लोगों को सुरक्षित जीवित बाहर निकाला गया है और 5 लोगों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया है। अभी भी 3 से 4 लोग मलबे में फंसे हैं।
तारातला बचाव अभियान इतना कठिन क्यों है?
ढही हुई संरचना में कंक्रीट की कई परतें, लोहे की सरियाँ, गर्डर और टिन की चादरें होने के कारण मलबे के अंदर पहुँचना बेहद मुश्किल है। फंसे लोगों के आसपास नालियाँ और अस्थिर मलबा भी बड़ी बाधा है।
तारातला में किस तकनीक से बचाव कार्य हो रहा है?
एनडीआरएफ विशेष सर्च उपकरण, लाइफ डिटेक्शन डिवाइस, स्थिरीकरण और कटिंग ऑपरेशन का उपयोग कर रही है। वॉटर-प्रेशर रेस्क्यू तकनीक इस स्थान पर संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले