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झारखंड में छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लो — BJP का 8 सितंबर से जिलों में DC कार्यालय घेराव का ऐलान

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झारखंड में छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लो — BJP का 8 सितंबर से जिलों में DC कार्यालय घेराव का ऐलान

सारांश

झारखंड में भर्ती परीक्षा घोटाले के विरोध में आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर BJP मैदान में उतर आई है। 8 से 11 सितंबर तक 14 से अधिक जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव होगा — यह राज्य में JMM सरकार के खिलाफ विपक्ष का सबसे संगठित आंदोलन है।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 4 सितंबर को झारखंड में छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग पर आंदोलन का ऐलान किया।
8 सितंबर से राज्य के विभिन्न जिलों में उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालयों का घेराव शुरू होगा।
आंदोलन 8 से 11 सितंबर तक चार चरणों में 14 से अधिक जिलों में होगा — रांची, दुमका, धनबाद, पलामू सहित।
BJP ने आरोप लगाया कि JMM और कांग्रेस नेता मुख्य सचिव से मिलकर छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
BJP के प्रतिनिधिमंडल ने 48 घंटे पहले मुख्य सचिव से मुकदमे वापस लेने की माँग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
साहू ने चेतावनी दी कि मुकदमे वापस न लिए गए तो आंदोलन और व्यापक होगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 4 सितंबर को रांची स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 8 सितंबर से राज्य के विभिन्न जिलों में उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। रांची में छात्रों ने बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के स्वतःस्फूर्त प्रदर्शन किए थे। इसके बावजूद आंदोलन में शामिल छात्रों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों पर मुकदमे दर्ज किए गए, जिसे BJP ने लोकतांत्रिक आवाज़ का दमन करार दिया है।

BJP की मांग और प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

साहू ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस से करीब 48 घंटे पहले BJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की माँग रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के नेता मुख्य सचिव से मिलकर छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। साहू ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के माध्यम से छात्रों और कोचिंग संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है।

JMM कार्यकर्ताओं पर मारपीट के आरोप

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन के दौरान JMM नेताओं और कार्यकर्ताओं पर छात्रों के साथ मारपीट के आरोप लगे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों पर सवाल उठाने वाले छात्रों को डराने का प्रयास कर रही है, जो उचित नहीं है।

जिलेवार आंदोलन का कार्यक्रम

BJP ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की रूपरेखा तय की है। 8 सितंबर को रांची, दुमका, गिरिडीह और गढ़वा में प्रदर्शन होगा। 9 सितंबर को कोडरमा, साहिबगंज, पलामू और चाईबासा में घेराव किया जाएगा। 10 सितंबर को सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा में आंदोलन होगा। 11 सितंबर को जामताड़ा और खूंटी में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

BJP की चेतावनी

साहू ने स्पष्ट किया कि छात्र राज्य और देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो BJP आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगी। यह आंदोलन झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच टकराव का नया मोर्चा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब यह तेज़ी से एक राजनीतिक दाँव में तब्दील हो रहा है। BJP का यह आंदोलन छात्रों की पीड़ा को आवाज़ देने जितना ही JMM सरकार को घेरने की रणनीति भी है — और इन दोनों को अलग करना ज़रूरी है। असली सवाल यह है कि भर्ती प्रक्रिया में जो गड़बड़ियाँ कथित तौर पर हुईं, उनकी जवाबदेही कब तय होगी — मुकदमों की राजनीति से परे। जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार नहीं होता, यह टकराव झारखंड के युवाओं के लिए केवल राजनीतिक मंच बना रहेगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में BJP का आंदोलन किस मांग को लेकर है?
BJP भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर केस दर्ज करना अन्यायपूर्ण है।
BJP का घेराव आंदोलन कब और कहाँ होगा?
आंदोलन 8 से 11 सितंबर तक चार चरणों में होगा। 8 सितंबर को रांची, दुमका, गिरिडीह और गढ़वा; 9 को कोडरमा, साहिबगंज, पलामू, चाईबासा; 10 को सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार, चतरा; और 11 सितंबर को जामताड़ा व खूंटी में DC-SP कार्यालयों का घेराव होगा।
BJP ने मुख्य सचिव से मुलाकात क्यों की थी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस से करीब 48 घंटे पहले BJP के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मिलकर छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की माँग की थी। BJP का आरोप है कि इसके बाद भी JMM और कांग्रेस नेता मुख्य सचिव से मिलकर छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग करते रहे।
झारखंड में छात्र किस बात का विरोध कर रहे थे?
छात्र राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। BJP के अनुसार, रांची में यह प्रदर्शन बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के स्वतःस्फूर्त रूप से हुआ था।
यदि मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो क्या होगा?
BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। फिलहाल 8 से 11 सितंबर तक 14 से अधिक जिलों में घेराव कार्यक्रम निर्धारित है।
राष्ट्र प्रेस
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