आरकॉम बैंक फ्रॉड: ईडी ने अनिल अंबानी ग्रुप की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति जब्त की, कुल अटैचमेंट ₹19,344 करोड़ पार
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने 28 अप्रैल 2026 को आरकॉम बैंक फ्रॉड में ₹3,034.90 करोड़ की संपत्तियाँ पीएमएलए धारा 5 के तहत जब्त कीं।
- रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) से जुड़े मामलों में कुल जब्ती अब ₹19,344 करोड़ से अधिक।
- जब्त संपत्तियों में मुंबई फ्लैट, खंडाला फार्महाउस, साणंद भूमि और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के 7.71 करोड़ शेयर शामिल।
- आरकॉम व ग्रुप कंपनियों पर बैंकों का कुल ₹40,185 करोड़ बकाया; SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और LIC की शिकायत पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी।
- सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है; आगे की जांच जारी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) बैंक फ्रॉड मामले में ₹3,034.90 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियाँ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 5 के तहत जब्त की हैं। इस ताज़ा कार्रवाई के साथ रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) से जुड़े मामलों में कुल जब्त संपत्तियाँ ₹19,344 करोड़ से अधिक हो गई हैं। 28 अप्रैल को जारी ईडी के आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उन एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों पर दर्ज की गई थीं। इन शिकायतों में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी आरकॉम समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले में बैंक एवं सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।
जब्त संपत्तियों का ब्यौरा
ईडी की जांच में सामने आया है कि प्रमोटर ग्रुप की कई संपत्तियाँ इस अटैचमेंट के दायरे में आई हैं। इनमें मुंबई के उषा किरण बिल्डिंग में फ्लैट, पुणे के खंडाला में फार्महाउस और अहमदाबाद के साणंद में भूमि शामिल है। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर भी जब्त किए गए हैं, जो राइजी इंफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास थे।
राइजी ट्रस्ट की भूमिका
ईडी के अनुसार, राइजी ट्रस्ट को अनिल अंबानी परिवार की संपत्तियाँ सुरक्षित रखने और उन्हें व्यक्तिगत ऋण दायित्वों से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया था। बयान में कहा गया है कि ये संपत्तियाँ परिवार के उपयोग के लिए थीं, जबकि जिन बैंकों का पैसा फंसा हुआ है, उन्हें इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा था।
बैंकों पर बकाया और कानूनी प्रक्रिया
आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों पर देश-विदेश के बैंकों का कुल ₹40,185 करोड़ बकाया है। पीएमएलए की धारा 8 के तहत, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त संपत्तियाँ नुकसान उठाने वाले बैंकों समेत सही दावेदारों को लौटाई जा सकती हैं। ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई संपत्तियों को बेचे या छिपाए जाने से रोकने और बैंकों तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए की गई है।
आगे क्या होगा
ईडी ने अपने बयान में कहा है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और वह देश की वित्तीय व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई करता रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े कॉर्पोरेट फ्रॉड मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर सार्वजनिक दबाव बढ़ता जा रहा है।