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क्या अनिल अंबानी की कंपनियों पर ईडी के छापों ने रिलायंस इन्फ्रा और पावर के शेयरों को प्रभावित किया?

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क्या अनिल अंबानी की कंपनियों पर ईडी के छापों ने रिलायंस इन्फ्रा और पावर के शेयरों को प्रभावित किया?

सारांश

अनिल अंबानी की कंपनियों पर ईडी के छापों के बाद रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के शेयरों में गिरावट आई है। क्या ये छापे बाजार को प्रभावित करेंगे? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

अनिल अंबानी की कंपनियों पर ईडी की छापेमारी ने बाजार में हलचल मचाई।
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 5 प्रतिशत तक गिरे।
ईडी ने 3,000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले की जांच शुरू की है।

मुंबई, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के शेयरों में शुक्रवार को लोअर सर्किट लगा, जिससे दोनों कंपनियों के शेयर इंट्रा-डे में 5-5 प्रतिशत तक गिर गए।

ईडी की कार्रवाई शुरू होने पर दोनों कंपनियों में लगातार निवेशक बिकवाली कर रहे हैं और पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

ईडी ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप के 35 से अधिक ठिकानों पर 3,000 करोड़ रुपए के यस बैंक लोन घोटाले मामले में छापे मारे हैं।

रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक बयान में खुद को जांच से अलग किया है और कहा है कि ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस होम फाइनेंस से संबंधित है। ये दोनों कंपनियां अब उनसे किसी भी प्रकार से जुड़ी नहीं हैं।

दिन के कारोबार के दौरान, रिलायंस पावर का शेयर 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ गिरकर 56.72 रुपए पर आ गया। वहीं, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर भी 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ 341.85 रुपए पर था।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच शुरू की है।

ईडी की प्रारंभिक जांच में बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के साथ धोखाधड़ी कर जनता के पैसों को इधर-उधर करने की एक सुनियोजित योजना का खुलासा हुआ है। साथ ही, यस बैंक लिमिटेड के प्रमोटरों सहित बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने का अपराध भी जांच के दायरे में है।

प्रारंभिक जांच में यस बैंक से (2017 से 2019 तक) लगभग 3,000 करोड़ रुपए के अवैध लोन डायवर्जन का पता चला है। ईडी ने पाया है कि लोन स्वीकृत होने से ठीक पहले, यस बैंक के प्रमोटरों को पैसा दिया गया था। एजेंसी रिश्वतखोरी और लोन के इस गठजोड़ की भी जांच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे वित्तीय क्षेत्र में विश्वास की कमी को भी उजागर करती है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि नियमों का पालन करना और पारदर्शिता बनाए रखना सभी कंपनियों के लिए अनिवार्य है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी की छापेमारी का कारण क्या है?
ईडी ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप के 35 से अधिक ठिकानों पर 3,000 करोड़ रुपए के यस बैंक लोन घोटाले के मामले में छापे मारे हैं।
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में गिरावट क्यों आई?
ईडी की कार्रवाई के बाद निवेशकों में बिकवाली बढ़ गई, जिससे दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है।
क्या रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर इस मामले में शामिल हैं?
दोनों कंपनियों ने कहा है कि वे जांच से अलग हैं और ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस होम फाइनेंस से संबंधित है।
राष्ट्र प्रेस
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