अमित शाह का कच्छ सीमा दौरा: बॉर्डर आउटपोस्ट जी-7 का उद्घाटन, हरामी नाला में बोट विजिट
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार, 30 मई 2025 को अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन सीमावर्ती जिले कच्छ में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा करेंगे। इस दौरे में बॉर्डर आउटपोस्ट जी-7 का उद्घाटन, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से संवाद और संवेदनशील हरामी नाला क्षेत्र का निरीक्षण शामिल है।
मुख्य घटनाक्रम
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह दिन की शुरुआत बॉर्डर आउटपोस्ट जी-7 के उद्घाटन से करेंगे, जो भुज के निकट स्थित है। इसके बाद वह BSF जवानों से सीधी बातचीत करेंगे और BSF द्वारा आयोजित 'प्रहरी सम्मेलन' में भी शामिल होने की संभावना है।
दोपहर में गृह मंत्री ओपी टावर-1170 के कंट्रोल रूम का दौरा करेंगे, जहाँ वह संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में स्थापित निगरानी और मॉनिटरिंग प्रणाली की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, वह पीटीजेड सर्विलांस कैमरों की लाइव फीड भी देखेंगे, जिनका उपयोग कच्छ के दलदली और दुर्गम इलाकों में सीमा निगरानी के लिए किया जाता है।
हरामी नाला: सबसे संवेदनशील क्षेत्र का निरीक्षण
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हरामी नाला क्षेत्र होगा। गृह मंत्री यहाँ क्रीक इलाके में बोट विजिट करेंगे और जेट्टी प्वाइंट पर पौधरोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।
हरामी नाला, गुजरात के रण के कच्छ में सर क्रीक के निकट स्थित भारत-पाकिस्तान सीमा का अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। उथले जलमार्गों, दलदली भूभाग और जटिल क्रीक नेटवर्क के कारण यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार, यहाँ घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध नौकाओं की आवाजाही का खतरा निरंतर बना रहता है।
BSF सेक्टर मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक
शाम 3 बजे अमित शाह BSF सेक्टर मुख्यालय में सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में BSF के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
बहुराज्यीय सीमा दौरे का हिस्सा
यह कच्छ दौरा गृह मंत्री के व्यापक बहुराज्यीय सीमा निरीक्षण अभियान का अंग है, जिसकी शुरुआत उन्होंने इसी सप्ताह की थी। इस अभियान में राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इससे पहले अमित शाह राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बेहतर समन्वय और सतर्कता पर जोर दिया था।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा तंत्र को और सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दौरे का उद्देश्य सीमा सुरक्षा तैयारियों, निगरानी ढाँचे और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की व्यापक समीक्षा करना है।