डिएगो फोरलान बन सकते हैं उरुग्वे के अंतरिम कोच, एयूएफ से बातचीत सकारात्मक दिशा में
सारांश
मुख्य बातें
उरुग्वे फुटबॉल के दिग्गज डिएगो फोरलान जल्द ही उरुग्वे राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका संभाल सकते हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन (AUF) और फोरलान के बीच इस पद को लेकर बातचीत जारी है और माहौल सहमति की ओर बढ़ रहा है।
बातचीत की स्थिति और जिम्मेदारियाँ
यदि AUF और फोरलान के बीच समझौता होता है, तो वह सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2025 में होने वाले छह अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैचों में टीम की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, उन्हें उरुग्वे अंडर-20 टीम की देखरेख भी सौंपी जा सकती है।
AUF अध्यक्ष इग्नासियो अलोंसो ने पुष्टि की कि बातचीत सकारात्मक दिशा में है। उन्होंने बताया कि फोरलान इस जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं, हालाँकि कुछ बिंदुओं पर अभी चर्चा बाकी है। अलोंसो ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थायी मुख्य कोच की नियुक्ति इस साल के अंत या 2026 की शुरुआत में की जाएगी।
फोरलान की फुटबॉल विरासत
47 वर्षीय डिएगो फोरलान उरुग्वे के सबसे सफल फुटबॉलरों में से एक हैं। अपने करियर में उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड (इंग्लैंड), विल्लारियल और एटलेटिको मैड्रिड (स्पेन), तथा इंटर मिलान (इटली) जैसे शीर्ष यूरोपीय क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने उरुग्वे राष्ट्रीय टीम के लिए 112 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 36 गोल दागे। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 फीफा विश्व कप में रहा, जहाँ उन्होंने 5 गोल किए और टीम को सेमीफाइनल तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उस टूर्नामेंट में उन्हें 'गोल्डन बॉल' — यानी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार — से नवाज़ा गया था।
कोचिंग का अनुभव
फोरलान कोचिंग में भी नए नहीं हैं। वह इससे पहले उरुग्वे के क्लब पेनारोल और एटेनास के मुख्य कोच रह चुके हैं। हालाँकि, राष्ट्रीय टीम की कमान उनके अब तक के कोचिंग करियर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
बिएल्सा के इस्तीफे की पृष्ठभूमि
उरुग्वे को नए कोच की तलाश तब शुरू हुई जब मार्सेलो बिएल्सा ने जून 2025 में फीफा विश्व कप के ग्रुप चरण से टीम के बाहर होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही — काबो वर्डे और सऊदी अरब के खिलाफ मैच ड्रॉ रहे, जबकि स्पेन के खिलाफ हार झेलनी पड़ी।
मई 2023 में टीम की बागडोर संभालने वाले बिएल्सा के कार्यकाल में उरुग्वे ने 16 मैच जीते, 12 ड्रॉ खेले और 8 गंवाए। इस्तीफे के बाद बिएल्सा ने कहा कि अच्छे खिलाड़ियों और संसाधनों के बावजूद वह टीम से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करा सके, और इसकी पूरी जिम्मेदारी वह खुद लेते हैं।
आगे क्या होगा
यदि बातचीत सफल रहती है, तो फोरलान उरुग्वे फुटबॉल के एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे — इस बार मैदान के बाहर से। AUF का लक्ष्य अंतरिम व्यवस्था के ज़रिए टीम को स्थिर करना और 2026 की शुरुआत तक एक स्थायी कोच नियुक्त करना है।