अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2026: CM योगी, रेखा गुप्ता, भजनलाल और नायब सैनी ने दी वन्यजीव संरक्षकों को बधाई
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षकों को बधाई संदेश दिए। इन नेताओं ने बाघ संरक्षण को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए पर्यावरण के प्रति सामूहिक संकल्प का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की सभी प्रकृति प्रेमियों एवं वन्यजीव संरक्षकों को हार्दिक बधाई। भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ हमारी समृद्ध वन संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक है। साहस और सामर्थ्य के इस जीवंत स्वरूप के संरक्षण हेतु डबल इंजन सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आइए, प्रकृति की इस अनमोल धरोहर के संरक्षण हेतु संकल्पित हों।' उन्होंने बाघ को साहस और सामर्थ्य का जीवंत प्रतीक बताते हुए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर, हम भारत के जंगलों के शानदार रक्षक का सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, बाघ संरक्षण के प्रति भारत का संकल्प पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। बाघों की सुरक्षा का अर्थ है हमारे देश की समृद्ध जैव-विविधता की रक्षा करना।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बाघ पर्यावरणीय संतुलन के महत्वपूर्ण संरक्षक हैं और उनका संरक्षण भावी पीढ़ियों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री का आह्वान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाघ संरक्षण केवल वन्यजीवों की रक्षा नहीं, बल्कि 'आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति के अनमोल वैभव को सुरक्षित रखने का संकल्प भी है।' उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रयास का आग्रह किया।
बाघ संरक्षण का राष्ट्रीय महत्व
गौरतलब है कि भारत विश्व में बाघों की सबसे बड़ी आबादी का घर है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर बाघों के आवास और संख्या पर लगातार दबाव बना हुआ है। इन नेताओं के संदेश बाघ संरक्षण को राजनीतिक प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हैं और नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सामूहिक संकल्प को दर्शाते हैं।