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CM योगी का युवाओं से आह्वान: प्रकृति को पर्यटन नहीं, जिज्ञासु विद्यार्थी की दृष्टि से जानें

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CM योगी का युवाओं से आह्वान: प्रकृति को पर्यटन नहीं, जिज्ञासु विद्यार्थी की दृष्टि से जानें

सारांश

CM योगी का यह संदेश केवल पर्यावरण दिवस की औपचारिकता नहीं — यह शहरी युवाओं को प्रकृति से फिर जोड़ने की सीधी अपील है। 117 साल बाद दुर्लभ सर्प की वापसी और 13 रामसर स्थल — UP के वन्यजीव पुनरुद्धार की कहानी अब सरकारी दावों से आगे बढ़ रही है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 8 जून 2026 को एक्स पर युवाओं से प्रकृति को जिज्ञासु दृष्टि से जानने की अपील की।
उत्तर प्रदेश में बाघ, तेंदुआ और सारस की संख्या में पिछले 9 वर्षों में निरंतर वृद्धि दर्ज।
प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थल अंतरराष्ट्रीय रामसर सूची में शामिल।
दुधवा टाइगर रिजर्व में पेंटेड कीलबैक सर्प की उपस्थिति 117 वर्ष बाद दर्ज की गई।
तराई में दुर्लभ बर्डन्स बैबलर पक्षी वर्षों बाद फिर दिखा।
युवाओं से अपील — अनुभव ब्लॉग और स्कूली प्रोजेक्ट के ज़रिए साझा करें।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेशवासियों — विशेषकर युवाओं — से अपील की कि वे प्रकृति के बीच जाने पर महज पर्यटक न बनें, बल्कि एक जिज्ञासु विद्यार्थी की तरह उस स्थल को समझें और अनुभव करें। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

मुख्यमंत्री का संदेश: प्रकृति से विमुख न हो आधुनिकता

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, 'वर्षा ऋतु में कीट-पतंगों की आवाज, गर्मियों की रातों में जुगनुओं की चमक, भोर में गौरैयों की चहचहाहट और पेड़ों पर मैनाओं का कलरव — जो पहले दैनिक जीवन का हिस्सा थे — अब शहरों में लगभग दुर्लभ हो चुके हैं।' उन्होंने इसे 'जीवन के लिए खतरे का सूचक' बताया।

योगी ने स्पष्ट किया, 'आधुनिकता आवश्यक है, परंतु प्रकृति से विमुख होकर नहीं। जीव-जंतु केवल प्रकृति के सौंदर्य के प्रतीक नहीं, बल्कि स्वस्थ पर्यावरण के अनिवार्य अंग हैं। फसल उत्पादन से लेकर खाद्य श्रृंखला तक, प्रत्येक जीव की महत्वपूर्ण भूमिका है।'

सनातन संस्कृति और जैव विविधता का संदर्भ

मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने प्रभु श्रीराम की सेना का उदाहरण दिया — जिसमें वानर, ऋक्ष, जटायु और गिलहरी तक का योगदान था — यह बताते हुए कि मानव, प्रकृति और जीव-जंतुओं का परस्पर आश्रित संबंध हमारी सांस्कृतिक विरासत में गहराई से समाया है।

उत्तर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की उपलब्धियाँ

योगी ने बताया कि 9 वर्ष पूर्व सरकार का कार्यभार संभालते ही पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में बाघों, तेंदुओं और राज्य पक्षी सारस की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय रामसर सूची में प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को मान्यता मिली है। इसके अलावा, तराई के घास के मैदानों में अत्यंत दुर्लभ बर्डन्स बैबलर पक्षी वर्षों बाद फिर दिखाई दिया, और दुधवा टाइगर रिजर्व में पेंटेड कीलबैक नामक दुर्लभ सर्प की उपस्थिति 117 वर्ष बाद दर्ज की गई।

युवाओं और बच्चों से विशेष अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे प्रकृति में जाने पर अपने अनुभवों को ब्लॉग और आलेखों के माध्यम से साझा करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मावकाश के दौरान बच्चे इन विषयों को अपने स्कूली प्रोजेक्ट का आधार बनाएं।

योगी के अनुसार, 'प्रकृति के प्रति जागरूकता और अपनापन ही हमारी जैव विविधता के सबसे बड़े संरक्षक हैं।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब विश्व स्तर पर जैव विविधता संकट की चर्चा तेज़ है और भारत में शहरीकरण की गति से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास सिकुड़ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई में यह सरकारी संरक्षण उपलब्धियों को जन-स्वीकृति से जोड़ने की रणनीति भी है। 117 साल बाद दुर्लभ सर्प और रामसर मान्यता जैसे तथ्य प्रभावशाली हैं, लेकिन स्वतंत्र वन्यजीव विशेषज्ञों की पड़ताल यह भी बताती है कि शहरीकरण और कृषि विस्तार से वन्यजीव गलियारों पर दबाव जारी है। असली कसौटी यह है कि क्या यह जन-भागीदारी की अपील नीतिगत बदलावों — जैसे बफर ज़ोन संरक्षण और कॉरिडोर बहाली — के साथ जुड़ती है, या केवल सोशल मीडिया संवाद तक सीमित रहती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने युवाओं से प्रकृति के बारे में क्या अपील की?
CM योगी आदित्यनाथ ने 8 जून 2026 को अपील की कि युवा प्रकृति में जाते समय केवल पर्यटक न बनें, बल्कि जिज्ञासु विद्यार्थी की तरह उस स्थल को परखें। उन्होंने कहा कि अनुभवों को ब्लॉग, आलेखों और स्कूली प्रोजेक्ट के ज़रिए साझा किया जाए।
उत्तर प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण की क्या उपलब्धियाँ हैं?
UP में बाघ, तेंदुआ और राज्य पक्षी सारस की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रदेश के 13 स्थलों को अंतरराष्ट्रीय रामसर सूची में शामिल किया गया है और दुधवा टाइगर रिजर्व में 117 वर्ष बाद पेंटेड कीलबैक सर्प दर्ज किया गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व में क्या दुर्लभ घटना दर्ज हुई?
दुधवा टाइगर रिजर्व में पेंटेड कीलबैक नामक दुर्लभ सर्प की उपस्थिति 117 वर्ष बाद दर्ज की गई। इसके अलावा, तराई के घास के मैदानों में अत्यंत दुर्लभ बर्डन्स बैबलर पक्षी भी वर्षों बाद फिर दिखाई दिया।
CM योगी ने सनातन संस्कृति और प्रकृति को कैसे जोड़ा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति के प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने प्रभु श्रीराम की सेना में वानर, ऋक्ष, जटायु और गिलहरी तक के योगदान का उदाहरण देते हुए मानव और प्रकृति के परस्पर आश्रित संबंध को रेखांकित किया।
रामसर सूची में उत्तर प्रदेश के कितने स्थल शामिल हैं?
उत्तर प्रदेश के 13 आर्द्रभूमि स्थलों को अंतरराष्ट्रीय रामसर सूची में स्थान मिला है। CM योगी ने इसे राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों का परिणाम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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