विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस 2026: गडकरी, रेखा गुप्ता, नायब सैनी समेत कई नेताओं ने पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया
सारांश
मुख्य बातें
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर 28 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने देशवासियों से प्रकृति की रक्षा का आह्वान किया। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा करते हुए वन, जल, वन्यजीव और जैव-विविधता के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ा।
गडकरी का संकल्प: जंगल, नदियाँ और जैव-विविधता
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'प्रकृति सिर्फ हमारी विरासत नहीं है, बल्कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। आइए, इस विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर हम समझदारी भरे फैसलों और सामूहिक प्रयासों से अपने जंगलों, नदियों, वन्यजीवों और जैव-विविधता की रक्षा करने का संकल्प लें।' उन्होंने जोड़ा कि सामूहिक प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य बनाया जा सकता है।
दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की अपील
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल दायित्व नहीं, जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने हरित दिल्ली और स्वच्छ दिल्ली को सभी की साझा जिम्मेदारी बताते हुए जल, वायु, वन और भूमि के संरक्षण पर बल दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी की साझा जिम्मेदारी है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के संदेश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर जैव विविधता के संवर्धन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरियाली, जल और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु किया गया प्रत्येक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की आधारशिला बनेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि प्रकृति का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की नींव है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का संकल्प लेने का आग्रह किया।
महाराष्ट्र और बिहार के नेताओं का आह्वान
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर कहा कि प्रकृति मनुष्य को मिला सबसे बड़ा उपहार है और इसे कृतज्ञता के साथ संजोकर रखना जरूरी है। उन्होंने हरी-भरी धरती को बढ़ावा देने और समृद्ध पर्यावरण की रक्षा करने का आह्वान किया।
बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारियों के निर्वहन का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'आज प्रकृति का संरक्षण, कल मानवता का सुरक्षित जीवन।'
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब भारत जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों — असमय बाढ़, सूखा और वायु प्रदूषण — से जूझ रहा है। गौरतलब है कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रतिवर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है और इस वर्ष देश के कई वरिष्ठ नेताओं की एकजुट अपील ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति राजनीतिक संकल्प को रेखांकित किया है। आने वाले महीनों में केंद्र और राज्य सरकारों की नीतिगत कार्रवाइयाँ यह तय करेंगी कि ये संदेश महज प्रतीकात्मक रहते हैं या जमीनी बदलाव में तब्दील होते हैं।