विश्व जैव विविधता दिवस पर केशव प्रसाद मौर्य बोले — जैव विविधता बचाना मानवता को बचाना है
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 22 मई 2026 को विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जैव विविधता की रक्षा करना वास्तव में मानवता की रक्षा करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रकृति की विविधता ही जीवन की असली धरोहर है और इसे बचाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
जैव विविधता का महत्व
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि जैव विविधता को केवल पर्यावरण का मुद्दा मानना उचित नहीं है — यह मानव स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, वन्य जीवन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले विविध जीव-जंतु, वनस्पतियाँ, जल स्रोत और प्राकृतिक संसाधन पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अपरिहार्य भूमिका निभाते हैं।
मुख्य खतरे और चिंताएँ
मौर्य ने चेताया कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन जैव विविधता के लिए गंभीर संकट खड़ा कर रहा है, जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर प्रजातियों के विलुप्त होने की दर पहले से कहीं अधिक तेज़ हो गई है।
सरकार की पहल
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए अनेक जनकल्याणकारी अभियान चला रही है। उसी दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार भी हरित विकास को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान संचालित कर रही है।
नागरिकों से अपील
मौर्य ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि प्रकृति संरक्षण को महज़ सरकारी कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे एक सामाजिक और नैतिक दायित्व के रूप में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पेड़ लगाने, जल बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशील होने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। विश्व जैव विविधता दिवस का संदेश यही है कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं — और इस रिश्ते को बचाए रखने में सबकी सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है।