विश्व पर्यावरण दिवस पर शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में किया पौधरोपण, बोले — पेड़ जीवन और भविष्य की नींव
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का मूल आधार हैं।
मुख्य संदेश और पर्यावरणीय दृष्टिकोण
चौहान ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने वृक्षारोपण को महज एक कर्मकांड नहीं, बल्कि मानवता, प्रकृति और भावी पीढ़ियों की रक्षा का सक्रिय अभियान बताया। उनके अनुसार, पेड़ बचेंगे तो जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता स्वतः सुरक्षित रहेगी — वर्षा होगी, नदियाँ जीवित रहेंगी, मिट्टी का क्षरण रुकेगा और जीवन की निरंतरता बनी रहेगी।
पाँच साल पहले लगाया पौधा, आज बना विशाल वटवृक्ष
स्मार्ट सिटी पार्क में 2021 में लगाए गए एक वटवृक्ष को देखते हुए चौहान भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अमरकंटक से प्रतिदिन पौधरोपण का संकल्प लिया था और भोपाल आने पर सबसे पहले यही पौधा रोपा था। आज वह पौधा एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा, 'उस वृक्ष पर पक्षियों का कलरव, जीव-जंतुओं की गतिविधियाँ और प्रकृति का जीवंत स्वरूप देखकर मुझे अत्यंत संतोष और आनंद की अनुभूति हुई।'
नागरिकों से अपील — विशेष अवसरों पर लगाएँ पेड़
चौहान ने आम नागरिकों से आग्रह किया कि यदि प्रतिदिन वृक्षारोपण संभव न हो, तो जीवन के विशेष अवसरों — जन्मदिन, विवाह, विवाह वर्षगाँठ, माता-पिता की स्मृति — पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ। उनका मानना है कि पारिवारिक आयोजनों को वृक्षारोपण से जोड़ने से यह आदत सामाजिक संस्कृति का हिस्सा बन सकती है।
एक पेड़ मां के नाम अभियान और व्यक्तिगत संकल्प
चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के माध्यम से देशभर में लाखों लोग अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगा रहे हैं। उन्होंने स्वयं अपनी माता स्वर्गीय सुंदर देवी की स्मृति में पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण केवल भाषणों और चर्चाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने से सुरक्षित होगा — और इसी सोच के साथ उनका प्रतिदिन पौधरोपण का संकल्प वर्षों से अनवरत जारी है।
आगे की राह
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई को लेकर वैश्विक चिंता गहरा रही है। एक पेड़ मां के नाम जैसे जन-अभियान इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत संकल्पों को नीतिगत समर्थन मिले तो वृक्षाच्छादन में दीर्घकालिक सुधार संभव है।