वृक्ष मित्र परिवार को राष्ट्रीय ढांचा देंगे शिवराज सिंह चौहान, 17,000 वृक्ष मित्रों से लिया संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के पूसा कॉम्प्लेक्स में आयोजित 'पर्यावरण संरक्षण संकल्प कार्यक्रम और वृक्ष मित्र संवाद' में देश भर के लगभग 17,000 वृक्ष मित्रों के साथ संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जन आंदोलन में बदलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उन्होंने 'वृक्ष मित्र परिवार' को राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक संगठित ढांचे में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
कार्ययोजना की मुख्य रूपरेखा
चौहान ने वृक्ष मित्रों से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, संतान प्राप्ति और माता-पिता की पुण्य स्मृति जैसे शुभ अवसरों पर कम से कम एक वृक्षारोपण करेगा और इन्हें 'वृक्ष उत्सव' का रूप देगा। लक्ष्य यह है कि धीरे-धीरे यह परंपरा हर घर की स्वाभाविक आदत बन जाए।
प्रत्येक वृक्ष मित्र वर्ष में कम से कम एक वृक्षारोपण करेगा और अभियान से कम से कम पाँच नए लोगों को जोड़ने का सार्वजनिक संकल्प सोशल मीडिया पर लेगा। इसका उद्देश्य 12 अगस्त को पड़ने वाली हरियाली अमावस्या तक एक सशक्त राष्ट्रव्यापी नेटवर्क खड़ा करना है।
संस्थागत ढांचा और पंजीकरण
मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि वृक्ष मित्र परिवार की समितियाँ राष्ट्रीय से लेकर ग्राम स्तर तक गठित की जाएँ और उनका औपचारिक पंजीकरण कराया जाए। पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में वृक्षारोपण के लिए निश्चित स्थल चिह्नित किए जाएँगे।
यह भी तय किया गया कि सरकारी योजनाओं — जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास विभागों के कार्यक्रम — की शुरुआत वृक्षारोपण से की जाए, ताकि हर सरकारी गतिविधि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े।
जलवायु संकट पर चेतावनी
चौहान ने कहा कि यह केवल पर्यावरण का प्रश्न नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का संकट है। बढ़ता समुद्री जलस्तर, तापमान वृद्धि, वायु प्रदूषण, जल संदूषण और तेजी से लुप्त होती जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रत्यक्ष खतरा बन चुके हैं। वैश्विक घटनाओं और वैज्ञानिक तथ्यों का हवाला देते हुए उन्होंने आगाह किया कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो 2050 के बाद की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो सकती है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी और अनियमित मानसून ने कृषि और जनजीवन दोनों को प्रभावित किया है। वृक्ष मित्र परिवार के राष्ट्रीय ढांचे को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया आगामी हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है, और हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को इस अभियान का पहला बड़ा सामूहिक पड़ाव माना जा रहा है।