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हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान की पहल: 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए

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हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान की पहल: 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए

सारांश

हरियाली अमावस्या पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 'वृक्ष मित्र परिवार' ने 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे। दिल्ली में 1 लाख नागरिक जुड़े। चौहान ने हर नागरिक से साल में एक पेड़ लगाने और पाँच लोगों को जोड़ने की अपील की।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान की पहल पर 12 अगस्त 2025 को हरियाली अमावस्या पर देशव्यापी पौधारोपण अभियान चलाया गया।
31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए; अकेले दिल्ली में 1 लाख से अधिक नागरिक जुड़े।
' वृक्ष मित्र परिवार ' ने गाँव, कस्बे, पंचायत और शैक्षणिक संस्थानों को अभियान से जोड़ा।
चौहान ने जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ जैसे अवसरों को ' वृक्ष पर्व ' के रूप में मनाने का सुझाव दिया।
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने ' एक पेड़ माँ के नाम ' अभियान से जोड़कर पर्यावरण-विकास संतुलन पर जोर दिया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 12 अगस्त 2025 को हरियाली अमावस्या के अवसर पर 'वृक्ष मित्र परिवार' अभियान के तहत 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए। पौधों में जल अर्पण और वंदे मातरम् के गायन के साथ शुरू हुए इस सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम ने देशभर के गाँवों, कस्बों, पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों को एक साझे पर्यावरण संकल्प से जोड़ा।

अभियान का स्वरूप और विस्तार

नई दिल्ली से शुरू होकर यह अभियान देश के कोने-कोने तक फैला। 'वृक्ष मित्र परिवार' ने हर नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीण पंचायतों से लेकर शहरी नगर निकायों तक, स्कूल-कॉलेजों से लेकर सामुदायिक संस्थाओं तक — सभी ने इस हरित संकल्प में भागीदारी की। अकेले दिल्ली में 1 लाख से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा गया।

मंत्री चौहान का संबोधन

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाली अमावस्या महज एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा, 'जब हम पेड़ लगाते हैं तो सिर्फ हरियाली नहीं बढ़ाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करते हैं।' उन्होंने भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य, पशु, पक्षी, नदियाँ, पर्वत और वृक्ष सभी एक ही चेतना के अंग हैं।

चौहान ने प्रत्येक नागरिक से अपील की कि वे वर्ष में कम से कम एक पेड़ लगाएँ और अपने साथ पाँच अन्य लोगों को इस मुहिम से जोड़ें। उन्होंने जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, संतान के जन्म और माता-पिता की स्मृति जैसे अवसरों को 'वृक्ष पर्व' के रूप में मनाने का सुझाव दिया। पंचायतों और नगर निकायों से भी उन्होंने आग्रह किया कि पौधारोपण के लिए निर्धारित स्थान बनाए जाएँ, ताकि पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित हो सके।

पर्यावरण और कृषि का अंतर्संबंध

चौहान ने रेखांकित किया कि पर्यावरण का क्षरण सीधे खेती, जल उपलब्धता, मिट्टी की सेहत और नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। उनके अनुसार, आज किसान के लिए केवल बीज और खाद नहीं, बल्कि सिंचाई जल की उपलब्धता और भूमि की उर्वरता भी उतनी ही बड़ी चुनौती है। उन्होंने मिशन लाइफ, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली को पर्यावरण रक्षा का व्यावहारिक मार्ग बताया।

दिल्ली सरकार की भागीदारी

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की इस मुहिम से दिल्ली सरकार ने प्रेरणा ली है। उन्होंने बताया कि राजधानी के स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों को पौधारोपण के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। दिल्ली के एक अन्य मंत्री प्रवेश वर्मा ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर ही टिकाऊ प्रगति संभव है।

आगे की राह

यह अभियान एक दिवसीय आयोजन तक सीमित नहीं है — 'वृक्ष मित्र परिवार' का लक्ष्य पौधारोपण को एक सतत सामाजिक आंदोलन में बदलना है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जन-सहभागिता अभियान तभी सार्थक होते हैं जब पौधों की जीवित दर की निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 पौधे रोपने का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने पौधे एक वर्ष बाद जीवित रहेंगे — भारत में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियानों की जीवित दर अक्सर 30-40% से अधिक नहीं रहती। 'वृक्ष मित्र परिवार' की भागीदारी सराहनीय है, पर बिना स्वतंत्र सत्यापन और जियो-टैगिंग के ये आँकड़े केवल घोषणात्मक बने रहने का जोखिम उठाते हैं। चौहान का कृषि-पर्यावरण संबंध पर जोर नीतिगत दृष्टि से सही है — किसानों की जल और मिट्टी संकट से जोड़ना इस अभियान को महज प्रतीकात्मकता से ऊपर उठाता है। यदि यह अभियान मिशन लाइफ और कृषि नीति से संस्थागत रूप से जुड़े, तो यह एक दिवसीय आयोजन से दीर्घकालिक बदलाव का माध्यम बन सकता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान की पहल क्या थी?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 12 अगस्त 2025 को हरियाली अमावस्या पर 'वृक्ष मित्र परिवार' अभियान के तहत 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए। यह कार्यक्रम गाँवों, पंचायतों, स्कूलों और नगर निकायों की सामूहिक भागीदारी से संपन्न हुआ।
'वृक्ष मित्र परिवार' अभियान क्या है?
'वृक्ष मित्र परिवार' एक जन-सहभागिता पर्यावरण अभियान है जो हर नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने और पाँच अन्य लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका उद्देश्य पौधारोपण को एक सामाजिक आंदोलन का रूप देना है।
इस अभियान में दिल्ली की क्या भूमिका रही?
दिल्ली में 1 लाख से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा गया। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और स्कूल-कॉलेजों को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण को कृषि से कैसे जोड़ा?
चौहान ने कहा कि पर्यावरण क्षरण का सीधा असर खेती, जल उपलब्धता और मिट्टी की सेहत पर पड़ता है। उनके अनुसार किसान के लिए आज सबसे बड़ी चुनौती केवल बीज-खाद नहीं, बल्कि सिंचाई जल और भूमि की उर्वरता भी है।
क्या यह अभियान केवल एक दिन के लिए था?
'वृक्ष मित्र परिवार' का लक्ष्य पौधारोपण को एक सतत सामाजिक आंदोलन बनाना है, न कि इसे एकल आयोजन तक सीमित रखना। पंचायतों और नगर निकायों से स्थायी पौधारोपण स्थल बनाने की अपील की गई है ताकि पौधों की नियमित देखभाल हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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