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हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए

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हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए

सारांश

हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 'वृक्ष मित्र परिवार' ने 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे। दिल्ली में 1 लाख से अधिक नागरिक जुड़े। अभियान ने धार्मिक अवसर को पर्यावरण आंदोलन में बदलने की कोशिश की।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान की पहल पर हरियाली अमावस्या, 12 अगस्त 2026 को 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए।
' वृक्ष मित्र परिवार ' ने अभियान का नेतृत्व किया; हर प्रतिभागी को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
दिल्ली के 1 लाख से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़े — स्कूल, कॉलेज और संस्थान भी शामिल।
चौहान ने नागरिकों से अपील की कि साल में कम से कम एक पेड़ लगाएं और पाँच अन्य लोगों को जोड़ें।
जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ जैसे अवसरों को 'वृक्ष पर्व' के रूप में मनाने की अपील की गई।
मंत्री ने मिशन लाइफ , ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवन को पर्यावरण रक्षा का रास्ता बताया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर हरियाली अमावस्या, 12 अगस्त 2026 को देशभर के 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए। 'वृक्ष मित्र परिवार' के बैनर तले चलाए गए इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत पौधों में जल अर्पण और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुई। गाँवों, कस्बों, पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों तक फैले इस आयोजन ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश की।

अभियान का स्वरूप और विस्तार

नई दिल्ली से शुरू होकर यह मुहिम देश के कोने-कोने तक पहुँची। 'वृक्ष मित्र परिवार' ने प्रत्येक प्रतिभागी को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। पंचायतों, नगर निकायों और संस्थानों को निर्देश दिए गए कि पौधारोपण के लिए निर्धारित स्थान तैयार किए जाएं, ताकि पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अभियान की एक विशेष अपील यह रही कि नागरिक जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, संतान के जन्म और माता-पिता की पुण्य स्मृति जैसे व्यक्तिगत अवसरों को 'वृक्ष पर्व' के रूप में मनाएं — यानी उत्सव के केंद्र में पौधारोपण को रखें।

शिवराज सिंह चौहान का संबोधन

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हरियाली अमावस्या महज एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा, "भारतीय संस्कृति में मनुष्य, पशु, पक्षी, नदियाँ, पर्वत और पेड़-पौधे सब एक ही चेतना से जुड़े हैं।" उनके अनुसार, पेड़ लगाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी उनके संरक्षण का संकल्प लेना भी है।

चौहान ने किसानों के संदर्भ में कहा कि आज खेती के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल बीज और खाद नहीं, बल्कि पानी की उपलब्धता और मिट्टी की सेहत भी है। उन्होंने मिशन लाइफ, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली को पर्यावरण रक्षा का व्यावहारिक रास्ता बताया। प्रत्येक नागरिक से अपील की गई कि वे साल में कम से कम एक पेड़ लगाएं और पाँच अन्य लोगों को इस अभियान से जोड़ें।

दिल्ली सरकार की भागीदारी

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की इस मुहिम से दिल्ली सरकार ने प्रेरणा ली है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 1 लाख से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा गया है और स्कूल, कॉलेज तथा अन्य संस्थान भी पौधारोपण के लिए सक्रिय किए जा रहे हैं।

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के ज़रिए पर्यावरण बचाने का संकल्प लेना समय की माँग है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर ही टिकाऊ भविष्य संभव है।

पर्यावरण और कृषि का अंतर्संबंध

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब भारत में अनियमित मानसून, घटता भूजल स्तर और मिट्टी के क्षरण जैसी चुनौतियाँ कृषि उत्पादकता को प्रभावित कर रही हैं। गौरतलब है कि पेड़-पौधे न केवल वायु शुद्ध करते हैं, बल्कि भूजल पुनर्भरण और मृदा संरक्षण में भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं — जो सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ा है। आने वाले महीनों में अभियान की निरंतरता और पौधों की जीवित रहने की दर इस पहल की वास्तविक सफलता का पैमाना होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 पौधे लगाने का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने पौधे एक साल बाद जीवित होंगे — भारत में पौधारोपण अभियानों की सबसे बड़ी कमज़ोरी रोपण के बाद की देखभाल की कमी रही है। 'वृक्ष मित्र परिवार' जैसी सामुदायिक संरचना इस अंतर को पाटने की क्षमता रखती है, बशर्ते जवाबदेही तंत्र हो। कृषि मंत्री का पर्यावरण अभियान से जुड़ना नीतिगत दृष्टि से सटीक है — मिट्टी और पानी की सेहत सीधे खेती की उत्पादकता से जुड़ी है — लेकिन इस संबंध को नीतिगत ढाँचे में औपचारिक रूप देना अभी बाकी है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाली अमावस्या पर शिवराज सिंह चौहान का पौधारोपण अभियान क्या था?
12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 'वृक्ष मित्र परिवार' के साथ 31 राज्यों में 50,000 से अधिक पौधे रोपे गए। अभियान में गाँव, पंचायत, स्कूल, कॉलेज और नगर निकाय सभी शामिल हुए।
'वृक्ष मित्र परिवार' क्या है?
'वृक्ष मित्र परिवार' एक सामुदायिक संगठन है जो पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाता है। इस अभियान में इसने हर प्रतिभागी को कम से कम एक पौधा लगाने और पाँच अन्य लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
दिल्ली में इस अभियान से कितने लोग जुड़े?
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, दिल्ली में 1 लाख से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा गया। स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थान भी पौधारोपण के लिए प्रेरित किए जा रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों से क्या अपील की?
चौहान ने हर नागरिक से अपील की कि वे साल में कम से कम एक पेड़ लगाएं और पाँच अन्य लोगों को इस मुहिम से जोड़ें। उन्होंने जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ और संतान के जन्म जैसे अवसरों को 'वृक्ष पर्व' के रूप में मनाने का आह्वान किया।
इस पौधारोपण अभियान का किसानों से क्या संबंध है?
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण बिगड़ने का असर सीधे खेती, पानी और मिट्टी पर पड़ता है। उनके अनुसार, किसानों के लिए आज पानी की उपलब्धता और जमीन की सेहत उतनी ही बड़ी चुनौती है जितनी बीज और खाद।
राष्ट्र प्रेस
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