21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: CM भूपेंद्र पटेल की अपील — वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाएं, गुजरात में 6,750 पौधे लगाए गए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व पर्यावरण दिवस 2026: CM भूपेंद्र पटेल की अपील — वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाएं, गुजरात में 6,750 पौधे लगाए गए

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर गुजरात में सरकार, BSF और सामाजिक संस्थाएं एक साथ आईं। CM भूपेंद्र पटेल ने वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने की अपील की, राजकोट में 5,000 से अधिक पौधे बाँटे गए और BSF ने गांधीनगर में 6,750 पौधे लगाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
पटेल ने एक्स पर संदेश में जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवन और पेट्रोल खपत घटाने का आग्रह किया।
राजकोट में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक सामाजिक संस्था ने 5,000 से अधिक पौधे नि:शुल्क वितरित किए।
गांधीनगर BSF कैंपस में डीआईजी प्रखर त्रिवेदी , अजय सूर्यवंशी और आईपीएस अभिषेक पाठक ने वृक्षारोपण की शुरुआत की।
BSF ने विभिन्न स्थानों पर कुल 6,750 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जन आंदोलन में बदलने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है — यह प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री का संदेश और राष्ट्रीय संदर्भ

मुख्यमंत्री पटेल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का दर्जा दिया गया है और पेड़-पौधों, नदियों तथा पहाड़ों की पूजा सदियों से हमारी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'ग्रीन ग्रोथ' और 'मिशन लाइफ' के विज़न को अपनाकर गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।

नागरिकों से विशेष आग्रह

मुख्यमंत्री ने लोगों से केवल पेड़ लगाने तक सीमित न रहने की बात कही। उन्होंने पौधों की देखभाल कर उन्हें बड़ा करने, जल संरक्षण, पेट्रोल की खपत कम करने, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उनका कहना था कि आज किए गए ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को हरा-भरा और रहने योग्य बनाए रखेंगे।

राजकोट में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान

राजकोट में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को नि:शुल्क पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम की आयोजक निशा चावड़ा ने बताया कि सुबह से ही बड़ी संख्या में नागरिक पौधे लेने पहुँचे और अभियान को लेकर उत्साह उल्लेखनीय रहा। एक सामाजिक संस्था की ओर से 5,000 से अधिक फलदार एवं अन्य प्रजातियों के पौधे नि:शुल्क वितरित किए गए।

गांधीनगर में BSF का वृक्षारोपण अभियान

गांधीनगर स्थित BSF कैंपस में भी विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। BSF के डीआईजी प्रखर त्रिवेदी, अजय सूर्यवंशी और आईपीएस अधिकारी अभिषेक पाठक ने पौधारोपण कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर BSF के वरिष्ठ अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

BSF अधिकारियों ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के तहत बल द्वारा विभिन्न स्थानों पर कुल 6,750 पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों ने जवानों से पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया तथा पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सक्रिय भागीदारी की अपील की।

आगे की राह

इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रमों ने गुजरात में सरकारी, अर्धसैनिक और सामाजिक संस्थाओं की सामूहिक भागीदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बढ़ते तापमान को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान तेज हो रहे हैं। आने वाले मानसून सीजन से पहले वृक्षारोपण अभियानों की यह गति राज्य में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गुजरात में वास्तविक वन आवरण की स्थिति और पिछले वृक्षारोपण अभियानों में पौधों की जीवित रहने की दर पर पारदर्शी आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियान जन-भागीदारी बढ़ाते हैं, परंतु आलोचकों का कहना है कि बिना दीर्घकालिक निगरानी तंत्र के ये आयोजन केवल एकदिवसीय प्रतीकात्मक कार्यक्रम बनकर रह जाते हैं। असली परीक्षा यह है कि लगाए गए पौधों में से कितने पाँच साल बाद वृक्ष बन पाते हैं — और इस जवाबदेही का ढाँचा अभी तक स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर CM भूपेंद्र पटेल ने क्या अपील की?
CM भूपेंद्र पटेल ने 5 जून 2026 को गुजरात के नागरिकों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने एक्स पर संदेश में कहा कि यह जिम्मेदारी हर नागरिक की है, केवल सरकार की नहीं।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है और राजकोट में क्या हुआ?
'एक पेड़ मां के नाम' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चलाया जा रहा राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान है। राजकोट में 5 जून 2026 को एक सामाजिक संस्था ने इस अभियान के तहत 5,000 से अधिक फलदार एवं अन्य प्रजातियों के पौधे नि:शुल्क वितरित किए, जिन्हें लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में नागरिक पहुँचे।
गांधीनगर BSF कैंपस में वृक्षारोपण कार्यक्रम में कौन शामिल हुए?
गांधीनगर स्थित BSF कैंपस में BSF के डीआईजी प्रखर त्रिवेदी, अजय सूर्यवंशी और आईपीएस अधिकारी अभिषेक पाठक ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। BSF ने इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कुल 6,750 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
गुजरात पर्यावरण संरक्षण में किन क्षेत्रों में अग्रणी बताया जा रहा है?
CM पटेल के अनुसार गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह प्रधानमंत्री मोदी के 'ग्रीन ग्रोथ' और 'मिशन लाइफ' विज़न के अनुरूप बताया गया है।
विश्व पर्यावरण दिवस क्यों मनाया जाता है?
विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में वृक्षारोपण, सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 10 महीने पहले