विश्व पर्यावरण दिवस पर दिलीप जायसवाल का आह्वान: वृक्षारोपण करें, राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर भी हमला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना में पर्यावरण संरक्षण की अनिवार्यता पर ज़ोर दिया और नागरिकों से अधिकाधिक वृक्षारोपण की अपील की। इसी कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे राजनीतिक प्रहार भी किए।
पर्यावरण संरक्षण पर मंत्री का संदेश
जायसवाल ने कहा कि वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र तेज़ी से असंतुलित हो रहा है और तापमान में लगातार वृद्धि एक गंभीर चेतावनी है। उनके अनुसार यदि पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की समय रहते रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन-यापन अत्यंत कठिन हो जाएगा। उन्होंने लोगों से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए दावा किया कि उनके मार्गदर्शन में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को संदेह था कि 140 करोड़ की आबादी वाला देश अपनी बुनियादी ज़रूरतें पूरी कर पाएगा, भारत की वर्तमान उपलब्धियाँ उन्हें करारा जवाब देती हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए जायसवाल ने कहा कि पार्टी की साख लगातार कमज़ोर होती जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली मानो पार्टी को डुबाने के लिए ही है। उनके मुताबिक कांग्रेस की मौजूदा नीतियाँ उसके दीर्घकालिक राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुँचा रही हैं।
ममता बनर्जी पर टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में मंत्री ने दावा किया कि राजनीतिक स्तर पर उनका प्रभाव घटता जा रहा है। जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के अनेक विधायक असंतुष्ट हैं और उन्हें अपना 'पुराना अहंकार' त्यागना चाहिए। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में विपक्षी गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।
आगे क्या
विश्व पर्यावरण दिवस के मंच से दिए गए इस संबोधन ने पर्यावरणीय संदेश के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा को भी हवा दे दी है। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता इस तरह के मंचों का उपयोग विपक्षी दलों पर हमले के लिए करते रहे हैं, और जायसवाल का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।