विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री दिलीप जायसवाल का आह्वान, राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया और नागरिकों से वृक्षारोपण तथा पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण की अपील की। इसी मंच से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा।
पर्यावरण संकट पर चेतावनी
जायसवाल ने कहा कि वैश्विक पर्यावरणीय संतुलन तेज़ी से बिगड़ रहा है और तापमान में निरंतर वृद्धि एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने चेताया कि यदि पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गई और पर्यावरण की रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन-यापन अत्यंत कठिन हो जाएगा। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक पौधे लगाने और पर्यावरण जागरूकता को जन-आंदोलन का रूप देने की अपील की।
मोदी नेतृत्व की सराहना
मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी 140 करोड़ की आबादी वाले देश की क्षमताओं पर संदेह करते थे, भारत की उपलब्धियों ने उन्हें जवाब दे दिया है। उनके अनुसार, आज पूरा विश्व भारतीय नेतृत्व की सामर्थ्य को स्वीकार करता है।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला
कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर तंज कसते हुए जायसवाल ने कहा कि पार्टी की राजनीतिक स्थिति लगातार कमज़ोर होती जा रही है। उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानो पार्टी को डुबाने के लिए ही नियुक्त हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस की मौजूदा कार्यशैली उसके दीर्घकालिक राजनीतिक भविष्य के लिए घातक साबित हो रही है।
ममता बनर्जी पर टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में जायसवाल ने दावा किया कि उनका राजनीतिक प्रभाव सिकुड़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई विधायक अंदरूनी तौर पर असंतुष्ट हैं और उन्होंने बनर्जी को सलाह दी कि वे अपना 'पुराना अहंकार' छोड़ें। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है।
आगे क्या
विश्व पर्यावरण दिवस पर दिए गए इस भाषण में पर्यावरण और राजनीति — दोनों मुद्दों का मेल बिहार की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें सामाजिक मुद्दों के साथ विपक्ष पर आक्रामक प्रहार किया जाता है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर कांग्रेस और TMC की प्रतिक्रिया राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकती है।