मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का झूठा प्रचार: दिलीप जायसवाल का कड़ा जवाब
सारांश
Key Takeaways
- दिलीप जायसवाल ने ममता बनर्जी के प्रचार पर सवाल उठाया।
- प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों की सराहना की गई।
- ईवीएम विवाद पर रामदास आठवले ने स्पष्टीकरण दिया।
- जदयू प्रवक्ता ने अभिषेक बनर्जी के बयान पर आपत्ति जताई।
- ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल किया।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पहलगाम हमले से जुड़े बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हर बार झूठा और भ्रामक प्रचार करती हैं।
दिलीप जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि ममता बनर्जी इस प्रकार के बयान इसलिए दे रही हैं क्योंकि उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है और वह अपने 'आखिरी कार्ड' का इस्तेमाल कर रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की भी सराहना की। उनका कहना था कि 2014 में सत्ता में आने से पहले पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से जो वादे किए थे, उन्हें निरंतर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आर्टिकल 370 और वक्फ कानून जैसे कई मुद्दे पार्टी के पुराने एजेंडे का हिस्सा थे, जिन्हें अब लागू किया गया है। साथ ही, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों को भी उन्होंने आवश्यक बताया। उनका मानना है कि इनसे देश का खर्च बचेगा और आम लोगों को सुविधा मिलेगी।
जायसवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता “डसने वाले सांप” की तरह हैं, जिन्होंने देश को नुकसान पहुँचाया है।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने पाकिस्तान की तरफ से कोलकाता पर हमले की हालिया धमकी का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया था कि प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों हैं। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि चुनावी रैलियों में बंगाल को निशाना बनाने वाले प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं।
वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम मशीनें प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद नहीं लाई गईं, बल्कि यह पहले से ही इस्तेमाल में थीं। उन्होंने याद दिलाया कि बैलेट पेपर के दौर में वोटों की गिनती में काफी समय लगता था, इसलिए कांग्रेस के शासनकाल में ईवीएम को लागू किया गया था।
इसके अलावा, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेता बिना किसी ठोस आधार के अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं।