विश्व पर्यावरण दिवस पर CM मोहन यादव बोले — प्रकृति के बिना अधूरी है हमारी जीवन शैली
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में स्पष्ट कहा कि सनातन संस्कृति की मूल अवधारणा सदैव पर्यावरण-केंद्रित रही है और हमारी जीवन शैली प्रकृति के बिना अधूरी है। इस अवसर पर उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान का शुभारंभ किया।
समारोह में क्या हुआ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित 5 कोर्स मॉड्यूल्स का विमोचन किया। इसके साथ ही एप्को और इन्टैक द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 16 जिलों की 500 बावड़ियों के दस्तावेज़ भी जारी किए गए। समारोह में प्रदेश की आठ श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
सनातन संस्कृति और पर्यावरण का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में विस्तार से पर्यावरण की व्याख्या की गई है और छोटे-छोटे वेद-वाक्यों में सारी बातें समाहित हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी किसी भी प्रकार की पद्धति, पूजा-पाठ, प्रकृति के बिना अधूरी है — हम सूर्य को अर्घ्य देते हैं, भगवान को लगने वाला भोग तुलसी के बिना नहीं लगता।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि परमात्मा ने मनुष्य को पाँच तत्वों से बनी सृष्टि प्रदान की है, जिसकी वैज्ञानिक व्याख्या भी की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल पर टिप्पणी
यादव ने कार्यक्रम में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफलतापूर्वक 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर 13वें वर्ष में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 4 दिनों में मोदी पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता बन जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 24 दलों के गठबंधन में सरकार चलाई और देश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ दीं।
देश की उपलब्धियों पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और खेल सहित सभी क्षेत्रों में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में देश आतंकवाद और नक्सलवाद की चुनौतियों से उबर रहा है। यह समारोह पर्यावरण संरक्षण के प्रति मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।