हेग में PM मोदी से मिले प्रवासी भारतीय, बोले — 'यह हमारे जीवन का गौरवशाली क्षण'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 16 मई 2025 को द हेग, नीदरलैंड में प्रवासी भारतीयों से मुलाकात ने वहाँ मौजूद सैकड़ों भारतवंशियों को भावविभोर कर दिया। कश्मीर से लेकर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान तक — भारत के कोने-कोने से आए प्रवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में हेग के स्टेडियम में एकत्रित हुए और एक स्वर में कहा कि यह उनके जीवन का अभूतपूर्व क्षण है।
प्रवासियों की भावुक प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर से आए एक परिवार की युवा बेटी ने कहा, 'हमें अच्छा लगा कि प्रधानमंत्री मोदी यहाँ आए और प्रवासी हिंदुस्तानियों से बात की। उन्होंने खासतौर पर कश्मीरी पंडित समुदाय की बात की।' उन्होंने प्रधानमंत्री के उस उल्लेख को विशेष रूप से सराहा जिसमें मोदी ने नीदरलैंड के ट्युलिप और भारत के कमल के बीच साझा संबंध की बात कही — और यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में भारत का सबसे बड़ा ट्युलिप गार्डन स्थित है।
एक कश्मीरी महिला ने कहा, 'मैंने पहली बार पीएम मोदी को सामने से बोलते हुए देखा। यह अद्भुत था। वो वाकपटु हैं; उन्हें पता है कि क्या और कैसे बोलना है। हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदी हमारे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।'
सांस्कृतिक प्रस्तुति और उत्साह
प्रधानमंत्री के स्वागत में एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रदर्शन करने वाले प्रवीण शर्मा ने कहा, 'मोदी जी के आगमन पर मैंने परफॉर्म किया। उनसे मिलने की उत्सुकता इस कदर थी कि हम लोग पूरी रात जागे। उनके भाषण ने हमें प्रेरित किया है और हमारे भीतर और मेहनत करके देश का नाम रोशन करने की भावना बढ़ी है।'
कन्नड़ एसोसिएशन और तेलुगू एसोसिएशन से जुड़ी महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में पहुँचीं और उन्होंने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। राजस्थान से आए एक दंपती ने कहा कि हेग के स्टेडियम में बिताए ये पल उनके लिए यादगार हैं, क्योंकि 'यहाँ एक छत के नीचे साक्षात भारत के दर्शन हो गए।'
भारत-नीदरलैंड साझेदारी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत-नीदरलैंड की साझेदारी और फ्लोरीकल्चर (फूलों की खेती) में दोनों देशों के बीच साझा संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की सराहना की कि वे अपनी भाषा और संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। बरसों से नीदरलैंड में रह रहे और धाराप्रवाह हिंदी बोलने वाले एक प्रवासी ने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस गति से भारत प्रगति के पथ पर अग्रसर है, वो क्षण दूर नहीं जब हम विश्व पटल पर छा जाएंगे।'
सूरीनाम से भी पहुँचे भारतवंशी
सूरीनाम से आईं राजदेई बंसीधर ने कहा, 'मेरे पूर्वज भारत से थे और पीएम मोदी को देखने का मोह मुझे यहाँ खींच लाया। उनको सामने देखकर बहुत खुशी हुई।' यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भारतीय प्रवासी समुदाय केवल नीदरलैंड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे यूरोप और उससे परे फैला हुआ है।
मंदिर निर्माण का सपना और सांस्कृतिक प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्थल पर प्रवासियों ने भारतीय संस्कृति को दर्शाते मॉडल भी प्रदर्शित किए। नीदरलैंड में एक कम्युनिटी सेंटर के भीतर माँ दुर्गा का मंदिर बनाने का सपना लेकर आए ललित भोषाल शर्मा ने एक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसकी रूपरेखा मुंबई में तैयार हुई है। फाउंडेशन की अध्यक्ष आरती तिवारी ने कहा, 'पीएम मोदी को सामने देख मैंने अत्यंत हर्ष का अनुभव किया।' यह आयोजन भारतीय प्रवासी समुदाय की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव और भारत के प्रति उनके अटूट प्रेम का जीवंत प्रमाण बना।