नीदरलैंड्स के शीर्ष सीईओ बोले — मोदी के नेतृत्व में भारत बिल्कुल सही रास्ते पर
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 मई 2025 को नई दिल्ली में नीदरलैंड्स के प्रमुख उद्योग जगत के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें विमानन, सेमीकंडक्टर, शिपिंग, कृषि और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के शीर्ष सीईओ शामिल हुए। बैठक में इन कारोबारी नेताओं ने पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक साझेदारी के विस्तार की सराहना की।
रैंडस्टैड और केएलएम की प्रतिक्रिया
बैठक के बाद रैंडस्टैड के सीईओ सैंडर वैन 'टी नूर्डेंडे' ने कहा, 'पिछले 10 सालों में हर चीज — इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स, साथ ही लेबर मार्केट और रोजगार — में काफी तेजी आई है। मुझे लगता है कि भारत बिल्कुल सही रास्ते पर है, और जाहिर है कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है।' केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस की प्रेसिडेंट और सीईओ मारजन रिंटेल ने बताया कि केएलएम 70 वर्षों से भारत में परिचालन कर रही है और हाल ही में हैदराबाद को देश में अपने चौथे गंतव्य के रूप में जोड़ा है।
शिपिंग और समुद्री क्षेत्र में सहयोग
रॉयल आईएचसी बी.वी. के सीईओ डर्क ते बोक्केल ने कहा कि पीएम मोदी को गुजरात में अपने पिछले कार्यकाल के अनुभव से शिपिंग उद्योग की गहरी समझ है। उनकी कंपनी बड़े ड्रेजिंग जहाज बनाने में भारतीय शिपयार्ड्स की सहायता करती है और मुंबई में उसकी एक कार्यशाला है, जहाँ से दुनिया भर में उन्नत उपकरण निर्यात किए जाते हैं। एपीएम टर्मिनल्स के सीईओ कीथ स्वेंडसेन ने वाइब्रेंट गुजरात फोरम में पूर्व में हुई चर्चाओं का स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आर्थिक विकास में पोर्ट और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका को भली-भाँति समझते हैं।
सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी निवेश
एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स के मौरिस गेराट्स ने बताया कि उनकी कंपनी 1969 से भारत में सक्रिय है और इस समय देश में लगभग 4,000 कर्मचारियों को रोजगार दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में विकास के बड़े अवसर दिख रहे हैं और इस क्षेत्र के प्रति पीएम मोदी की प्रतिबद्धता 'बेहद उत्साहजनक' है। प्रोसेस के सीईओ फैब्रिसियो ब्लोइसी ने बताया कि भारत में निवेश बढ़ाने को लेकर बातचीत जारी है और उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत-नीदरलैंड्स सहयोग का एक बड़ा अवसर बताया।
कृषि और खाद्य सुरक्षा में भागीदारी
रिज्क ज्वान के मार्टिन एगिंक ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की अनिवार्यता पर बल दिया और कहा कि कोई भी देश अकेले अपनी खाद्य प्रणाली को पूरी तरह बनाए नहीं रख सकता। रॉयल एचजेडपीसी के सीईओ हंस हुइस्ट्रा ने बताया कि उनकी कंपनी 2014 से भारत में कार्यरत है और सरकार के कृषि विकास पर फोकस की सराहना की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और नीदरलैंड्स के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग तेज़ी से गहरा हो रहा है।
भारत-नीदरलैंड्स संबंधों की दिशा
डेमन शिपयार्ड्स के अर्नौट डेमन ने उम्मीद जताई कि उनकी कंपनी अपनी जहाज निर्माण क्षमता को भारत की विकास महत्वाकांक्षाओं के साथ जोड़ेगी। बाउडेविज्न सीमन्स ने कहा कि तेज़ी से बदलते वैश्विक परिवेश में भारत और नीदरलैंड्स जैसी बहिर्मुखी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मज़बूत संबंध अत्यंत आवश्यक हैं। इस बैठक के नतीजे आने वाले महीनों में द्विपक्षीय निवेश और साझेदारी के नए अध्याय की नींव रख सकते हैं।