घुटनों के दर्द और जकड़न से राहत दिलाएगी 'नी मूवमेंट', आयुष मंत्रालय ने बताया सही तरीका
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक सरल योगाभ्यास — 'नी मूवमेंट' — साझा किया, जो घुटनों के दर्द, जकड़न और कमज़ोरी से परेशान लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बताया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इसे नियमित रूप से करने से घुटनों के जोड़ों की गतिशीलता बेहतर होती है और रोज़मर्रा की गतिविधियाँ — जैसे चलना, बैठना और उठना — सुगम हो सकती हैं।
नी मूवमेंट क्या है और यह कैसे काम करता है
यह अभ्यास मूलतः एक सेमी-स्क्वाट आधारित योगाभ्यास है, जिसमें श्वास-प्रश्वास की लय और शरीर के सही संरेखण (अलाइनमेंट) पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इससे घुटनों के आसपास की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, जिससे जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। साथ ही शरीर का संतुलन, लचीलापन और पैरों की ताकत भी बढ़ती है।
सही तरीके से कैसे करें नी मूवमेंट
मंत्रालय द्वारा साझा किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यास की विधि इस प्रकार है:
सबसे पहले सीधे खड़े हों और शरीर को सामान्य, शिथिल अवस्था में रखें। इसके बाद गहरी साँस लेते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर कंधों की ऊँचाई तक उठाएँ — हथेलियाँ नीचे की ओर रहें। अब धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और शरीर को सेमी-स्क्वाट की स्थिति में लाएँ, जिसमें जाँघें और हाथ दोनों ज़मीन के समानांतर हों। कुछ क्षण इस स्थिति में रुकें, फिर साँस लेते हुए धीरे-धीरे वापस सीधे खड़े हो जाएँ। यह एक राउंड है। इसी क्रम में कुल तीन राउंड पूरे करें और अंत में कुछ देर सामान्य अवस्था में खड़े होकर शरीर को विश्राम दें।
किन लोगों को सबसे अधिक फायदा
मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने में कठिनाई महसूस करते हैं, या जिनके पैरों में अकड़न और कमज़ोरी रहती है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी जीवनशैली में शारीरिक निष्क्रियता के कारण घुटनों की समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
सावधानियाँ और विशेषज्ञ की सलाह
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अभ्यास के दौरान जल्दबाज़ी न करें और घुटनों को केवल अपनी क्षमता के अनुसार ही मोड़ें। यदि किसी को तीव्र घुटने का दर्द, हाल की चोट, सर्जरी या गंभीर गठिया (अर्थराइटिस) की समस्या है, तो यह अभ्यास शुरू करने से पहले किसी चिकित्सक या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। यह सावधानी विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज़रूरी है।
आगे क्या
आयुष मंत्रालय समय-समय पर ऐसे सरल, घर पर किए जा सकने वाले योगाभ्यास साझा करता रहता है, जो निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस तरह के अभ्यासों को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने से दीर्घकालिक जोड़ों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है।