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क्या वजीरपुर के जेलर वाला बाग में 500 से अधिक झुग्गियां तोड़ी गईं, स्थानीय निवासियों में रोष?

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क्या वजीरपुर के जेलर वाला बाग में 500 से अधिक झुग्गियां तोड़ी गईं, स्थानीय निवासियों में रोष?

सारांश

दिल्ली के वजीरपुर स्थित जेलर वाला बाग में झुग्गियों को तोड़ने की कार्रवाई में 500 से अधिक झुग्गियां ध्वस्त की गईं। स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष है, क्योंकि उन्हें पुनर्वास की कोई जानकारी नहीं मिली। इस मुद्दे पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य बातें

वजीरपुर में 500 से अधिक झुग्गियां तोड़ी गईं।
स्थानीय निवासियों का गहरा असंतोष है।
सरकार ने पुनर्वास की कोई स्पष्ट योजना नहीं दी है।

नई दिल्ली, 16 जून (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के वजीरपुर स्थित जेलर वाला बाग में सोमवार सुबह से बड़े पैमाने पर झुग्गियों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान लगभग 500 से अधिक झुग्गियों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी विरोध या हंगामे को टाला जा सके।

सूत्रों के अनुसार, इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अशोक विहार में फ्लैट आवंटित किए गए थे और अब इस क्षेत्र को पूरी तरह से खाली करने की प्रक्रिया चल रही है।

हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। एक निवास ने पत्रकारों से कहा, "हमने (फ्लैट के लिए) सभी आवश्यक कागजात जमा किए थे, लेकिन उन्हें रद्द कर दिया गया। अब हमारा सामान लेकर जाने का स्थान नहीं है। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन अब कोई हमारी समस्या का समाधान नहीं कर रहा।"

निवासियों का आरोप है कि सरकार के "झुग्गियां नहीं तोड़ने" के दावे केवल जुमले हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

एक अन्य निवासी ने कहा, "हम बचपन से यहां रहते हैं, लेकिन हमें अब तक कुछ नहीं मिला। हमारी झुग्गियां तोड़ दी गईं, अब हम अपने बच्चों के साथ रेलवे ट्रैक पर हैं। हमें कोई जवाब नहीं दे रहा कि हम कहां जाएं।" लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।

यह कार्रवाई दरअसल दिल्ली में चल रही डिमोलिशन ड्राइव का हिस्सा है, जिसमें अवैध निर्माण और झुग्गियों को हटाया जा रहा है। प्रभावित लोगों का कहना है कि बिना उचित पुनर्वास के यह कार्रवाई उनकी जिंदगी को और कठिन बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम नागरिकों की समस्याओं को समझें और सरकार की नीतियों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें। अवैध निर्माण और झुग्गियों की ध्वस्तीकरण आवश्यक हो सकता है, लेकिन उचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों तोड़ी गईं झुग्गियां?
झुग्गियां अवैध निर्माण के तहत तोड़ी गईं, और सरकार ने इनकी ध्वस्तीकरण के लिए डिमोलिशन ड्राइव चलाया।
स्थानीय निवासियों ने क्या कहा?
स्थानीय निवासियों ने असंतोष व्यक्त किया है और कहा है कि उन्हें पुनर्वास की कोई जानकारी नहीं मिली।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार का कहना है कि झुग्गियों को तोड़ने का कार्य उचित पुनर्वास के साथ किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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