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चेन्नई में 12 मिनी तालुक कार्यालय: राजस्व प्रमाणपत्र सेवाएँ होंगी तेज़ और घर के पास

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चेन्नई में 12 मिनी तालुक कार्यालय: राजस्व प्रमाणपत्र सेवाएँ होंगी तेज़ और घर के पास

सारांश

चेन्नई के 16 तालुक कार्यालयों पर बढ़ते बोझ से राहत के लिए तमिलनाडु सरकार 12 मिनी तालुक केंद्र खोलने जा रही है। कोडुंगैयूर से मनापक्कम तक फैले ये केंद्र आय, जाति, निवास समेत 6 प्रमाणपत्र सेवाएँ नागरिकों के दरवाज़े तक लाएंगे — यह DMK सरकार के विकेंद्रीकरण एजेंडे की अहम कड़ी है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार चेन्नई में 12 मिनी तालुक कार्यालय स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा तमिलनाडु विधानसभा के आगामी सत्र में होने की संभावना है।
नागरिक आय, सामुदायिक, मूल निवास, विधवा, कानूनी उत्तराधिकारी और निवास प्रमाणपत्र के लिए इन केंद्रों पर आवेदन कर सकेंगे।
चयनित 12 स्थानों में कोडुंगैयूर, पोरुर, पल्लीकरनई, शोलिंगनल्लूर, मनापक्कम आदि शामिल हैं।
प्रत्येक केंद्र का नेतृत्व मुख्यालय के उप-तहसीलदार करेंगे और समर्पित ई-सेवा सुविधा उपलब्ध होगी।
राजस्व विभाग सामाजिक सुरक्षा योजना के तहसीलदारों को प्रमाणपत्र हस्ताक्षर अधिकार सौंपने पर भी विचार कर रहा है।

तमिलनाडु सरकार चेन्नई में 12 मिनी तालुक कार्यालय स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य राजस्व प्रमाणपत्र सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और त्वरित बनाना है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा तमिलनाडु विधानसभा के आगामी सत्र में होने की संभावना है। यह पहल मौजूदा तालुक कार्यालयों पर काम के बढ़ते बोझ को कम करने और आवेदन प्रसंस्करण में होने वाली देरी को घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रस्तावित पायलट परियोजना के तहत 12 स्थानों का चयन किया गया है — कोडुंगैयूर, एरुक्कनचेरी, पोरुर, मोगाप्पैर, कोरात्तुर, सालिग्रामम, नीलांगराई, पल्लीकरनई, शोलिंगनल्लूर, तिरुवनमियूर/बेसेंट नगर, ट्रिपलिकेन (तिरुवल्लीकेनी) और मनापक्कम। ये मिनी कार्यालय मौजूदा तालुकों के अधिकार क्षेत्र में ही संचालित होंगे, परंतु इनका एकमात्र ध्यान प्रमाणपत्र सेवाओं पर केंद्रित रहेगा।

नागरिक इन केंद्रों पर सामुदायिक, आय, मूल निवास, विधवा, कानूनी उत्तराधिकारी और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे — बिना मुख्य तालुक कार्यालय का चक्कर लगाए। फिलहाल चेन्नई में 16 तालुक कार्यालय हैं, जो राजस्व प्रशासन से जुड़े विविध कार्य संभालते हैं।

प्रशासनिक संरचना

राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मिनी तालुक कार्यालय का नेतृत्व मुख्यालय के उप-तहसीलदार करेंगे। हर केंद्र में एक समर्पित ई-सेवा सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे नागरिक अपने निकटतम स्थान पर ही प्रमाणपत्र संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

यह है कि इस योजना की परिकल्पना पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के कार्यकाल में की गई थी, जब चेन्नई के तालुक कार्यालयों में बढ़ते कार्यभार और आवेदन निपटान में लगने वाले समय को लेकर चिंताएँ उठाई गई थीं। इसके बाद चेन्नई कलेक्ट्रेट ने उपयुक्त स्थलों की पहचान की।

अधिकारों का विकेंद्रीकरण

व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के प्रयास में, राजस्व विभाग सामाजिक सुरक्षा योजना के तहसीलदारों को कुछ प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर का अधिकार सौंपने की संभावना पर विचार कर रहा है। ये अधिकारी वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का संचालन देखते हैं।

अधिकारियों का मानना है कि जिम्मेदारियों के इस वितरण से नियमित तहसीलदारों पर कार्यभार कम होगा और आवेदनों का निपटारा तेज़ी से हो सकेगा।

आम जनता पर असर

यदि यह पायलट परियोजना सफल रही, तो मौजूदा कार्यालयों में भीड़ में उल्लेखनीय कमी आएगी और प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों की प्रतीक्षा अवधि घटेगी। यह पहल राज्य सरकार के राजस्व प्रशासन को विकेंद्रीकृत कर आवश्यक सरकारी सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और विकेंद्रीकरण की माँग तेज़ हो रही है। यदि चेन्नई मॉडल सफल होता है, तो इसे तमिलनाडु के अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। तमिलनाडु में पहले भी ई-सेवा केंद्रों की घोषणाएँ हुई हैं, जो जमीन पर उतरने में वर्षों ले गईं या स्टाफिंग की कमी से कमज़ोर पड़ गईं। उप-तहसीलदारों को इंचार्ज बनाने का निर्णय जवाबदेही सुनिश्चित कर सकता है, बशर्ते पदों पर नियुक्तियाँ समय पर हों। सामाजिक सुरक्षा तहसीलदारों को प्रमाणपत्र हस्ताक्षर अधिकार देने का विचार प्रशंसनीय है, पर यह स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए विधिक संशोधन आवश्यक होगा या नहीं — यह विवरण विधानसभा घोषणा में सामने आना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई में मिनी तालुक कार्यालय क्या होंगे?
ये तमिलनाडु सरकार द्वारा प्रस्तावित विशेष केंद्र हैं, जो मुख्य तालुक कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में रहते हुए केवल राजस्व प्रमाणपत्र सेवाएँ प्रदान करेंगे। इनमें समर्पित ई-सेवा सुविधाएँ होंगी, जिससे नागरिकों को मुख्य कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
चेन्नई के मिनी तालुक कार्यालयों में कौन-से प्रमाणपत्र मिलेंगे?
इन केंद्रों पर सामुदायिक, आय, मूल निवास, विधवा, कानूनी उत्तराधिकारी और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। ये छह प्रकार के प्रमाणपत्र सबसे अधिक माँगे जाने वाले राजस्व दस्तावेज़ हैं।
चेन्नई के मिनी तालुक कार्यालय कहाँ खुलेंगे?
प्रस्तावित 12 स्थानों में कोडुंगैयूर, एरुक्कनचेरी, पोरुर, मोगाप्पैर, कोरात्तुर, सालिग्रामम, नीलांगराई, पल्लीकरनई, शोलिंगनल्लूर, तिरुवनमियूर/बेसेंट नगर, ट्रिपलिकेन (तिरुवल्लीकेनी) और मनापक्कम शामिल हैं। इन स्थानों का चयन चेन्नई कलेक्ट्रेट ने किया है।
इस योजना की घोषणा कब होगी?
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा तमिलनाडु विधानसभा के आगामी सत्र के दौरान होने की उम्मीद है। अभी तक कोई निश्चित तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस पहल से चेन्नई के नागरिकों को क्या फायदा होगा?
मिनी तालुक कार्यालय खुलने से नागरिकों को प्रमाणपत्र के लिए कम प्रतीक्षा करनी पड़ेगी और मौजूदा 16 तालुक कार्यालयों में भीड़ कम होगी। नज़दीकी केंद्र पर ई-सेवा सुविधा मिलने से समय और यात्रा दोनों की बचत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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