चेन्नई पुलिस का एंटी-करप्शन स्पेशल सेल लॉन्च, रिश्वत की शिकायत के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को एक विशेष 'एंटी-करप्शन स्पेशल सेल' की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत माँगने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नागरिकों की शिकायतें दर्ज करना और उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह पहल पुलिस बल में जवाबदेही और पारदर्शिता को नई ऊँचाई देने के लिए शुरू की गई है।
पहल की घोषणा और उद्देश्य
ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज ने मंगलवार को इस सेल की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह सेल नागरिकों को पुलिसकर्मियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की रिपोर्ट करने का एक भरोसेमंद माध्यम बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग एक जन-सेवा है और नागरिकों को किसी भी आधिकारिक सेवा के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक कोई भुगतान नहीं करना चाहिए।
कमिश्नर अमलराज ने जनता से अपील की कि वे उन कार्यों के लिए पुलिसकर्मियों को किसी भी रूप में धनराशि या अन्य लालच न दें, जिन्हें निभाना पहले से उनका दायित्व है।
शिकायत दर्ज करने का तरीका
रिश्वत की माँग का सामना करने वाले नागरिक एंटी-करप्शन स्पेशल सेल के हेल्पलाइन नंबर 78717-23000 पर सीधे कॉल कर सकते हैं या व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेज सकते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के भ्रष्टाचार की रिपोर्ट कर सकें।
कार्रवाई की प्रक्रिया
ग्रेटर चेन्नई पुलिस के अनुसार, इस सेल के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत की गहन जाँच की जाएगी। यदि जाँच में रिश्वतखोरी के आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ — चाहे वह कॉन्स्टेबल हो या वरिष्ठ अधिकारी — उचित और तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर ने माना कि अधिकांश पुलिसकर्मी अपनी ज़िम्मेदारियाँ ईमानदारी से निभाते हैं, लेकिन कुछ की अनुचित हरकतें पूरी फोर्स की साख और जनविश्वास को नुकसान पहुँचा सकती हैं। यह सेल ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें जवाबदेह बनाने के लिए बनाया गया है।
व्यापक संदर्भ और महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पुलिस सुधार और नागरिक-पुलिस संबंधों को बेहतर बनाने की माँग लगातार उठ रही है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में इससे पहले भी भ्रष्टाचार-विरोधी उपायों पर जोर दिया जाता रहा है, लेकिन पुलिस विभाग के भीतर इस तरह का समर्पित सेल गठित करना एक महत्त्वपूर्ण संस्थागत कदम माना जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि यह प्रणाली भ्रष्टाचार की रोकथाम, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और ग्रेटर चेन्नई पुलिस में जवाबदेही को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
आगे की राह
इस पहल की सफलता काफी हद तक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी। कमिश्नर अमलराज ने जनता से आग्रह किया कि वे रिश्वत की किसी भी माँग की तुरंत सूचना दें और अवैध भुगतान के आगे न झुकें। यह सेल चेन्नई पुलिस और आम नागरिक के बीच विश्वास की एक नई कड़ी बनने की दिशा में पहला ठोस कदम है।