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चेन्नई मेयर आर. प्रिया ने साइबर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई, मॉर्फ्ड तस्वीरें और फर्जी वीडियो का आरोप

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चेन्नई मेयर आर. प्रिया ने साइबर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई, मॉर्फ्ड तस्वीरें और फर्जी वीडियो का आरोप

सारांश

चेन्नई की मेयर आर. प्रिया ने पुलिस कमिश्नर अमलराज से मिलकर साइबर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई — मॉर्फ्ड तस्वीरें, संदर्भ से काटे गए वीडियो और कार्यालय को बाधित करने वाले फोन कॉल का आरोप है। साइबर क्राइम विंग जाँच में जुट गई है।

मुख्य बातें

प्रिया ने 27 जुलाई को पुलिस कमिश्नर अमलराज से मिलकर साइबर उत्पीड़न की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति व्हाट्सएप और फेसबुक पर मॉर्फ्ड तस्वीरें और भ्रामक रूप से संपादित वीडियो प्रसारित कर रहे हैं।
मेयर के आधिकारिक कार्यालय नंबर पर बार-बार कॉल और संदेश से कामकाज बाधित होने का भी आरोप।
साइबर क्राइम विंग ने डिजिटल साक्ष्यों — सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप संदेश, कॉल रिकॉर्ड — की जाँच शुरू की।
जाँच में BNS और IT अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध की जाँच भी होगी।

चेन्नई की मेयर आर. प्रिया ने सोमवार, 27 जुलाई को वेपेरी स्थित मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँचकर ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर अमलराज से मुलाकात की और लगातार साइबर उत्पीड़न के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम विंग ने तत्काल जाँच शुरू कर दी है।

शिकायत में क्या-क्या आरोप लगाए गए

मेयर प्रिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अज्ञात व्यक्ति व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिये उन्हें लगातार निशाना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मानहानिकारक छवि प्रस्तुत करने वाली मॉर्फ्ड तस्वीरें और भ्रामक रूप से संपादित छवियाँ सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं।

इसके अलावा, उनके आधिकारिक समारोहों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिए गए भाषणों के वीडियो को कथित तौर पर चुनिंदा रूप से काटकर संदर्भ से बाहर साझा किया जा रहा है, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मेयर ने यह भी आरोप लगाया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनके आधिकारिक कार्यालय के टेलीफोन नंबर पर बार-बार कॉल और संदेश भेजे, जिससे कार्यालय का सामान्य कामकाज बाधित हुआ और कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच की दिशा

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने मामला पंजीकृत कर लिया। साइबर क्राइम विंग ने उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल सोशल मीडिया खातों और फोन नंबरों के पीछे के व्यक्तियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जाँचकर्ता सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप संदेश और कॉल रिकॉर्ड सहित डिजिटल साक्ष्यों की जाँच करेंगे।

पुलिस अधिकारी यह भी आकलन करेंगे कि क्या आरोपियों ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत दंडनीय अपराध किए हैं।

राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ

तमिलनाडु की सबसे युवा मेयर मानी जाने वाली आर. प्रिया की यह शिकायत चेन्नई के राजनीतिक और नागरिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बन गई है। यह ऐसे समय में आई है जब देशभर में महिला जनप्रतिनिधियों के खिलाफ डिजिटल उत्पीड़न की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं।

गौरतलब है कि मॉर्फ्ड तस्वीरों और संदर्भ से काटे गए वीडियो के ज़रिये सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बनाने का यह तरीका भारत में तेज़ी से एक संगठित ऑनलाइन रणनीति का रूप लेता जा रहा है।

आगे क्या होगा

जाँच से उम्मीद है कि संदिग्धों की पहचान होगी और यह निर्धारित किया जाएगा कि आगे की कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं। मेयर प्रिया ने पुलिस से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इनसे निपटने के लिए मौजूदा कानूनी ढाँचा — BNS और IT अधिनियम — अभी भी अपर्याप्त साबित हो रहा है। असली परीक्षा यह है कि साइबर क्राइम विंग कितनी तेज़ी से अज्ञात आरोपियों की पहचान कर पाती है, क्योंकि पिछले ऐसे मामलों में जाँच अक्सर लंबी खिंचती रही है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई मेयर आर. प्रिया ने किस बारे में शिकायत दर्ज कराई है?
मेयर आर. प्रिया ने 27 जुलाई को पुलिस कमिश्नर अमलराज के पास साइबर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अज्ञात व्यक्ति व्हाट्सएप और फेसबुक पर उनकी मॉर्फ्ड तस्वीरें और भ्रामक रूप से संपादित वीडियो फैला रहे हैं।
चेन्नई साइबर क्राइम विंग इस मामले में क्या कर रही है?
साइबर क्राइम विंग ने मामला दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों की जाँच शुरू कर दी है। जाँचकर्ता सोशल मीडिया खातों, व्हाट्सएप संदेशों और कॉल रिकॉर्ड के ज़रिये संदिग्धों की पहचान करने में जुटे हैं।
मेयर के खिलाफ किस तरह का उत्पीड़न हो रहा था?
कथित तौर पर तीन तरह का उत्पीड़न हो रहा था — मॉर्फ्ड तस्वीरें और संपादित वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाना, उनके भाषणों को संदर्भ से काटकर गलत अर्थ में प्रसारित करना, और उनके आधिकारिक कार्यालय नंबर पर बार-बार कॉल व संदेश भेजकर कामकाज बाधित करना।
इस मामले में कौन-से कानून लागू हो सकते हैं?
पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध की जाँच करेगी। ये प्रावधान ऑनलाइन मानहानि, हेरफेर की गई सामग्री के प्रसार और साइबर उत्पीड़न को कवर करते हैं।
आर. प्रिया कौन हैं और यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
आर. प्रिया को तमिलनाडु की सबसे युवा मेयर माना जाता है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महिला जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बढ़ते डिजिटल उत्पीड़न की व्यापक प्रवृत्ति को उजागर करता है और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नई बहस छेड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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