31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

PM मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो पर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की FIR, 20 अकाउंट्स जाँच के घेरे में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
PM मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो पर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की FIR, 20 अकाउंट्स जाँच के घेरे में

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो का मामला अब कानूनी दायरे में आ गया है — हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने FIR दर्ज कर 20 अकाउंट्स की जाँच शुरू की है। साथ ही केंद्र सरकार ने मेटा को तलब कर नीतिगत और तकनीकी दोनों स्तरों पर जवाब माँगा है।

मुख्य बातें

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने 31 जुलाई 2026 को PM मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो मामले में IT अधिनियम और BNS के तहत FIR दर्ज की।
शिकायत में 20 संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की सूची पुलिस को सौंपी गई।
BJP तेलंगाना के सोशल मीडिया संयोजक सुमिरन कवी के निर्देश पर साईकिरण गौड़ व अन्य सदस्यों ने शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ताओं ने मेटा के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की माँग की।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को 7–10 दिनों में तलब किया है।

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने 31 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार के मामले में औपचारिक शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज यह मामला उन 20 सोशल मीडिया अकाउंट्स के विरुद्ध है, जिन पर भारत की संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाली सामग्री फैलाने का आरोप है।

शिकायत कैसे दर्ज हुई

यह शिकायत भारतीय जनता पार्टी (BJP) तेलंगाना राज्य के सोशल मीडिया संयोजक सुमिरन कवी के निर्देश पर दर्ज कराई गई। पार्टी के सोशल मीडिया पदाधिकारी साईकिरण गौड़ ने पार्टी सदस्यों अजय और अश्विन के साथ हैदराबाद के साइबर क्राइम स्टेशन में जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में 20 संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की सूची पुलिस को सौंपी गई।

शिकायत में क्या माँगा गया

शिकायतकर्ताओं ने माँग की कि मॉर्फ्ड वीडियो फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, सोशल मीडिया कंपनी मेटा के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की माँग रखी गई। शिकायत में कहा गया, 'हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस पर पूरा भरोसा है और अनुरोध है कि देश के हितों की रक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार जरूरी कार्रवाई करें।'

मेटा पर सरकार की कार्रवाई

इस घटनाक्रम से पहले, पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगाए जाने के मामले में केंद्र सरकार ने मेटा से विस्तृत जवाब माँगा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह बैठक अगले सात से दस दिनों के भीतर होने की संभावना है।

मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार नीतिगत और तकनीकी — दोनों स्तरों पर मेटा से स्पष्टीकरण चाहती है। उन्होंने कहा, 'भारत अपनी चिंताएँ सीधे मेटा तक पहुँचाना चाहता है और उन हालात के बारे में पूरी जानकारी चाहता है जिनकी वजह से यह अस्थायी रोक लगाई गई थी।'

जाँच की स्थिति

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद कथित आपत्तिजनक सामग्री फैलाने में शामिल संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की जाँच शुरू कर दी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक हस्तियों से जुड़ी फर्जी और मॉर्फ्ड सामग्री को लेकर देशभर में कानूनी कार्रवाइयों की संख्या बढ़ रही है। गौरतलब है कि IT अधिनियम और BNS के तहत ऐसे मामलों में अभियुक्तों को कठोर दंड का प्रावधान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह सवाल उठाते हैं कि क्या ऐसी शिकायतें राजनीतिक प्रेरणा से दर्ज होती हैं और क्या आम नागरिकों को भी ऐसी ही तत्परता से न्याय मिलता है। असली कसौटी यह होगी कि जाँच पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े और केवल सत्तारूढ़ दल की शिकायतों तक न सिमटे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने PM मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो पर FIR क्यों दर्ज की?
BJP तेलंगाना के सोशल मीडिया पदाधिकारियों की औपचारिक शिकायत के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने यह FIR दर्ज की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 20 सोशल मीडिया अकाउंट्स से PM मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो फैलाए जा रहे थे, जो भारत की संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हैं।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। ये धाराएँ डिजिटल माध्यम से आपत्तिजनक और फर्जी सामग्री फैलाने पर लागू होती हैं।
मेटा के खिलाफ सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को 7–10 दिनों के भीतर सरकार के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, सरकार PM मोदी की फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगाए जाने के कारणों पर नीतिगत और तकनीकी दोनों स्तरों पर स्पष्टीकरण चाहती है।
शिकायत किसने दर्ज कराई और किसके निर्देश पर?
BJP तेलंगाना राज्य के सोशल मीडिया संयोजक सुमिरन कवी के निर्देश पर पार्टी के सोशल मीडिया पदाधिकारी साईकिरण गौड़ ने पार्टी सदस्यों अजय और अश्विन के साथ हैदराबाद साइबर क्राइम स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
अब जाँच में आगे क्या होगा?
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद उन 20 संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की जाँच शुरू कर दी है। साथ ही मेटा के अधिकारियों की केंद्र सरकार के साथ बैठक अगले 7–10 दिनों में अपेक्षित है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले