1 अगस्त 2026
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भाई जगताप के X अकाउंट पर AI-निर्मित फर्जी वीडियो: महाराष्ट्र साइबर ने दर्ज की FIR

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भाई जगताप के X अकाउंट पर AI-निर्मित फर्जी वीडियो: महाराष्ट्र साइबर ने दर्ज की FIR

सारांश

कांग्रेस नेता भाई जगताप के X अकाउंट से AI-निर्मित फर्जी IPS इस्तीफा वीडियो प्रसारित होने पर महाराष्ट्र साइबर ने FIR दर्ज की। PIB दो दिन पहले ही वीडियो को फर्जी घोषित कर चुकी थी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की।
वीडियो कांग्रेस नेता भाई जगताप के आधिकारिक X अकाउंट से 30 जुलाई शाम 6:09 बजे पोस्ट किया गया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया डीपफेक है।
PIB ने 28 जुलाई 2026 को ही इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी घोषित कर दिया था।
FIR अज्ञात आरोपी के खिलाफ है; महाराष्ट्र साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रही है।

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को एक कथित भड़काऊ और फर्जी वीडियो के मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह वीडियो कांग्रेस नेता भाई जगताप के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से 30 जुलाई 2026 को शाम 6:09 बजे प्रसारित किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है और इसमें दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की आवाज़ तथा संवाद में कृत्रिम रूप से बदलाव किया गया है।

वीडियो में क्या था

प्रश्नगत वीडियो में एक व्यक्ति को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताया गया है, जो कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई देता है कि वह 'तत्काल प्रभाव से IPS से इस्तीफा दे रहा है' और सरकार पर उसे 'सड़कों पर हक की माँग कर रहे छात्रों के बारे में झूठ बोलने' के लिए दबाव डालने का आरोप लगाता है। वीडियो के कैप्शन में लिखा था — 'दिल्ली पुलिस के सरकार पर गंभीर आरोप'। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस वीडियो का उद्देश्य समाज में भ्रम फैलाना, सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार करना और जनमानस में असंतोष उत्पन्न करना था।

पीआईबी फैक्ट-चेक और FIR का आधार

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने 28 जुलाई 2026 को ही इस वीडियो की तथ्य-जाँच कर इसे पूरी तरह फर्जी घोषित कर दिया था और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी सार्वजनिक की थी। इसके बावजूद, शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो की सत्यता की जाँच किए बिना उसे भाई जगताप के एक्स अकाउंट से प्रसारित किया गया। शिकायतकर्ता ने 31 जुलाई को दोपहर लगभग 2:00 बजे इस पोस्ट को देखने के बाद पुलिस को सूचित किया।

FIR की विशेषता: अज्ञात आरोपी

ध्यान देने योग्य है कि यद्यपि वीडियो भाई जगताप के आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया था, तथापि एफआईआर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध दर्ज की गई है। इसका अर्थ यह है कि जाँच एजेंसी अभी यह निर्धारित करने की प्रक्रिया में है कि वीडियो पोस्ट करने के पीछे वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है — अकाउंट स्वामी की, किसी तीसरे पक्ष की, या अकाउंट से छेड़छाड़ की संभावना की।

जाँच की स्थिति

महाराष्ट्र साइबर सेल अब डिजिटल साक्ष्य, अकाउंट की तकनीकी जानकारी और पोस्ट से जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत जाँच कर रही है। AI-निर्मित डीपफेक वीडियो के ज़रिये दुष्प्रचार का यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में साइबर अपराध और डिजिटल फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। जाँच के नतीजे यह तय करेंगे कि आगे किसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप के X अकाउंट पर पोस्ट वीडियो को लेकर FIR क्यों दर्ज हुई?
शिकायतकर्ता के अनुसार, कांग्रेस नेता भाई जगताप के X अकाउंट से 30 जुलाई 2026 को एक AI-निर्मित फर्जी वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें एक IPS अधिकारी को सरकार के खिलाफ इस्तीफा देते दिखाया गया। PIB पहले ही 28 जुलाई को इसे फर्जी घोषित कर चुकी थी, फिर भी वीडियो पोस्ट किया गया, जिससे समाज में भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगा।
FIR किसके खिलाफ दर्ज की गई है — भाई जगताप के खिलाफ?
नहीं, FIR अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज की गई है। यद्यपि वीडियो भाई जगताप के आधिकारिक X अकाउंट से पोस्ट हुआ, महाराष्ट्र साइबर पुलिस अभी यह जाँच कर रही है कि वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।
वीडियो में क्या दिखाया गया था और यह फर्जी कैसे साबित हुआ?
वीडियो में एक व्यक्ति को IPS अधिकारी बताकर सरकार पर छात्रों के खिलाफ झूठ बोलने का दबाव डालने का आरोप लगाते और इस्तीफा देते दिखाया गया। PIB ने 28 जुलाई 2026 को तथ्य-जाँच के बाद इसे पूरी तरह AI-निर्मित डीपफेक घोषित किया, जिसमें आवाज़ और संवाद कृत्रिम रूप से बदले गए थे।
महाराष्ट्र साइबर सेल अब आगे क्या करेगी?
महाराष्ट्र साइबर सेल डिजिटल साक्ष्य, अकाउंट की तकनीकी जानकारी और पोस्ट से जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत जाँच कर रही है। जाँच के नतीजों के आधार पर नामजद आरोपी तय किए जाएंगे।
AI डीपफेक वीडियो पर भारत में क्या कानूनी प्रावधान हैं?
भारत में AI-निर्मित फर्जी या भड़काऊ वीडियो प्रसारित करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय हो सकता है। ऐसे मामलों में साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती है।
राष्ट्र प्रेस
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