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अजय राय का दावा: महोबा वायरल वीडियो एआई जेनरेटेड, दलित पीड़िता को न्याय दिलाने की कसम

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अजय राय का दावा: महोबा वायरल वीडियो एआई जेनरेटेड, दलित पीड़िता को न्याय दिलाने की कसम

सारांश

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने वायरल वीडियो को एआई जेनरेटेड बताकर एफआईआर को राजनीतिक हथियार करार दिया। असली मुद्दा है महोबा की दलित युवती के साथ 16 दिनों तक हुआ यौन उत्पीड़न — राय का कहना है कि इसी से ध्यान भटकाने के लिए यह साजिश रची गई।

मुख्य बातें

अजय राय ने 23 मई 2026 को महोबा वायरल वीडियो को पूरी तरह एआई जेनरेटेड और फर्जी बताया।
राय के अनुसार, महोबा की एक दलित युवती के साथ 16 दिनों तक लगातार यौन उत्पीड़न हुआ और अपराधियों ने नशे के इंजेक्शन व सिगरेट से दागने जैसी क्रूरता की।
पीड़िता के घर जाते समय बुंदेलखंड हाईवे पर पुलिस बल तैनात कर राय को रोकने का आरोप लगाया गया।
पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी , बृजराज अहिरवार और पुष्पेंद्र सिंह समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ राय पीड़िता के घर पहुँचे।
राय ने कहा — '100 केस दर्ज करो, जेल जाने को तैयार हूँ, लेकिन न्याय दिलाऊँगा।'

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने 23 मई 2026 को महोबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई जेनरेटेड बताया। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह वीडियो महोबा की एक दलित युवती के साथ हुए गंभीर यौन उत्पीड़न मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

वायरल वीडियो पर अजय राय का खंडन

राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके खिलाफ प्रसारित वीडियो एआई तकनीक से बनाया गया है और उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोग जनता में भ्रम फैलाने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं। राय ने कहा, 'महोबा की एक दलित युवती के साथ 16 दिनों तक लगातार रेप हुआ। अपराधियों ने उसे नशे के इंजेक्शन लगाए और उसके प्राइवेट पार्ट्स को सिगरेट से दागा। इस मुद्दे को उठाने पर मेरे खिलाफ एआई जेनरेटेड वीडियो वायरल किया जा रहा है।'

पीड़िता के घर पहुँचने में पुलिस का अवरोध

राय ने बताया कि जब वे पीड़िता के घर जा रहे थे, तब पुलिस और प्रशासन ने बुंदेलखंड हाईवे पर सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें रोकने की कोशिश की। उनके अनुसार, अधिकारियों ने पूरी पुलिस फोर्स विशेष रूप से उन्हें रोकने के लिए लगाई थी। हालाँकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, बृजराज अहिरवार, पुष्पेंद्र सिंह और स्थानीय नेताओं के सहयोग से वे अंततः पीड़िता के घर पहुँचने में सफल रहे।

सरकार पर लापरवाही का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सरकार और पुलिस 16 दिनों तक कहाँ थी? क्या BJP के नेता उस बच्ची के घर गए?' उन्होंने इस घटना को सामाजिक न्याय का मुद्दा बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। राय ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मामले में संबंधित पक्षों के विरुद्ध केस दर्ज कराएँ।

एफआईआर पर बेबाक रुख

अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर राय ने कहा, 'मेरे खिलाफ 10 नहीं, बल्कि 100 केस दर्ज कर लो। मैं जेल जाने को तैयार हूँ, लेकिन महोबा की उस दलित लड़की को न्याय दिलाऊँगा।' उन्होंने जोड़ा कि बहुत जल्द इस मामले का फैसला हो जाएगा और किसी की साजिश उन्हें रोक नहीं पाएगी। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गर्माता जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी महोबा की दलित युवती के साथ 16 दिनों तक हुए कथित यौन उत्पीड़न की। मुख्यधारा की कवरेज जहाँ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर केंद्रित है, वहीं पीड़िता की आवाज़ और पुलिस की 16 दिनों की निष्क्रियता के सवाल हाशिये पर हैं। एआई जेनरेटेड वीडियो का आरोप गंभीर है और स्वतंत्र फॉरेंसिक जाँच की माँग करता है — लेकिन उतनी ही जरूरी है उस मामले की जाँच जिसे राय उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय राय के खिलाफ वायरल वीडियो मामला क्या है?
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी है। इस वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसे राय ने पूरी तरह फर्जी और एआई जेनरेटेड बताया है।
महोबा दलित पीड़िता मामला क्या है जिसका राय ने उल्लेख किया?
राय के अनुसार, महोबा जिले की एक दलित युवती के साथ 16 दिनों तक लगातार यौन उत्पीड़न हुआ। आरोप है कि अपराधियों ने उसे नशे के इंजेक्शन लगाए और सिगरेट से दागा। राय ने इसी मामले में न्याय की माँग करते हुए पीड़िता के घर जाने की कोशिश की थी।
क्या पुलिस ने सच में अजय राय को पीड़िता के घर जाने से रोका?
अजय राय का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने बुंदेलखंड हाईवे पर सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें रोकने की कोशिश की। हालाँकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पूर्व विधायकों के सहयोग से वे अंततः पीड़िता के घर पहुँचने में सफल रहे। पुलिस की ओर से इस आरोप पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अजय राय ने एफआईआर पर क्या कहा?
राय ने एफआईआर को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि चाहे 10 नहीं 100 केस दर्ज हो जाएँ, वे जेल जाने को तैयार हैं लेकिन महोबा की दलित पीड़िता को न्याय दिलाकर रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मामले में संबंधित पक्षों के विरुद्ध केस दर्ज कराने की भी अपील की।
भाजपा पर अजय राय का क्या आरोप है?
राय का आरोप है कि भाजपा के लोग महोबा दलित उत्पीड़न मामले से ध्यान भटकाने के लिए एआई जेनरेटेड वीडियो वायरल कर उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा नेता पीड़िता के घर नहीं गए और सरकार 16 दिनों तक निष्क्रिय रही।
राष्ट्र प्रेस
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