पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर महोबा में एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ 23 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में महोबा के कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता एवं वकील नीरज रावत की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
एफआईआर में अजय राय के साथ उनके निवर्तमान सचिव बृजराज और 30 अज्ञात समर्थकों के नाम भी शामिल हैं, जो महोबा दौरे के दौरान उनके साथ मौजूद बताए जाते हैं। शिकायतकर्ता नीरज रावत के अनुसार, शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें ज्ञात हुआ कि अजय राय पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने महोबा पहुँचे थे। रावत ने कहा, 'वहाँ से निकलते समय वे अपनी कार में बैठे और प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया।'
पुलिस की प्रतिक्रिया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) वंदना सिंह ने बताया कि 22 मई को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया। उन्होंने कहा, 'इस वीडियो में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को अपने समर्थकों के साथ गैरकानूनी जमावड़ा करते हुए देखा गया, जिससे सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई और सार्वजनिक सड़कें अवरुद्ध हो गईं।' ASP सिंह ने पुष्टि की कि महोबा कोतवाली नगर में औपचारिक शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है।
BJP का पलटवार
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'राहुल गांधी और उनके अजय राय जैसे बदतमीज साथी नफरत की दुकान चला रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी 'डी श्रेणी' के तत्वों का अड्डा बन गई है। केसवन ने कहा कि अजय राय की टिप्पणियाँ 'माफी के लायक नहीं हैं।'
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इस भाषा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'जब नेता खुद ही गाली-गलौज वाली और अनुचित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनके अनुयायी भी स्वाभाविक रूप से वैसा ही बर्ताव करेंगे — यह उनकी हताशा और निराशा को दर्शाता है।'
आम जनता और राजनीतिक असर
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की एफआईआर राजनीतिक विपक्ष पर दबाव बनाने का माध्यम बन सकती है, जबकि BJP का तर्क है कि प्रधानमंत्री के सम्मान की रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है।
क्या होगा आगे
महोबा पुलिस ने संकेत दिया है कि वीडियो की फोरेंसिक जाँच और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। अजय राय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि क्या वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हैं।