अजय राय की टिप्पणी पर यूपी में सियासत गरमाई, एनडीए नेताओं ने कहा — हार के डर से बौखलाई कांग्रेस
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के बाद लखनऊ से लेकर नई दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है। 23 मई को सामने आई इस विवादित टिप्पणी पर राज्य सरकार और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने एकजुट होकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। NDA नेताओं का आरोप है कि बिहार और पश्चिम बंगाल चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस हताशे में अभद्र भाषा का सहारा ले रही है।
मंत्री एके शर्मा की कड़ी निंदा
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एके शर्मा ने राय की टिप्पणी को सीधे तौर पर अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, 'यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियाँ पूरी तरह से असभ्य और अनुचित हैं। इनकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। हमारे समाज या राजनीति में ऐसी अपमानजनक और असभ्य भाषा के लिए कोई जगह नहीं है।' शर्मा ने विशेष रूप से काशी का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी से जुड़े किसी व्यक्ति के लिए ऐसी टिप्पणियाँ उस नगर की सांस्कृतिक परंपरा के बिल्कुल विपरीत हैं।
ओम प्रकाश राजभर का हमला — 'मानसिक संतुलन बिगड़ा'
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने और भी तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'हम उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बयान की निंदा करते हैं। बिहार और बंगाल चुनावों के बाद इनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। अब उत्तर प्रदेश का चुनाव आ रहा है, इसीलिए ये लोग परेशान हैं। इन्हें पता है कि उत्तर प्रदेश में इनकी सरकार नहीं बनेगी, इसलिए इन्होंने गाली-गलौज का सहारा लिया है।' राजभर का यह बयान कांग्रेस के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रवक्ता ने भी साधा निशाना
जम्मू-कश्मीर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि पूरा INDIA गठबंधन इतने निचले स्तर पर गिर गया है कि वे प्रधानमंत्री पर निजी हमले कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अगर आप दूरबीन या बाइनोक्युलर से भी देखें, तो भी कांग्रेस अब सबसे छोटी पार्टी नज़र आती है।' ठाकुर ने यह भी जोड़ा कि कभी राहुल गांधी, तो कभी कोई और नेता इस तरह की टिप्पणियाँ करता रहता है, जो पार्टी की हताशा को दर्शाता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परवान चढ़ रही हैं। गौरतलब है कि बिहार और पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षाओं से काफी नीचे रहा था, जिसके बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह रणनीति पर सवाल उठे हैं। NDA नेताओं का यह भी कहना है कि इस तरह की भाषा मतदाताओं में कांग्रेस की छवि को और कमज़ोर करेगी।
आगे क्या
अजय राय की टिप्पणी पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की चुनावी बयानबाज़ी को और तेज़ कर सकता है।