1 अगस्त 2026
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भाई जगताप के एक्स अकाउंट से शेयर AI वीडियो पर महाराष्ट्र साइबर विभाग की एफआईआर

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भाई जगताप के एक्स अकाउंट से शेयर AI वीडियो पर महाराष्ट्र साइबर विभाग की एफआईआर

सारांश

कांग्रेस नेता भाई जगताप के एक्स अकाउंट से शेयर एक एआई-निर्मित वीडियो ने महाराष्ट्र साइबर विभाग को हरकत में ला दिया। वीडियो में एक नकली आईपीएस अधिकारी सरकार पर आरोप लगाते दिखता है — जिसे दिल्ली पुलिस 28 जुलाई को ही फर्जी घोषित कर चुकी थी। एफआईआर में अभी किसी का नाम नहीं।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र साइबर विभाग ने 1 अगस्त 2026 को कांग्रेस नेता भाई जगताप के एक्स अकाउंट ' भाईजगताप1 ' से शेयर एआई वीडियो पर एफआईआर दर्ज की।
वीडियो में एक व्यक्ति को नकली आईपीएस अधिकारी के रूप में सरकार पर आरोप लगाते और इस्तीफा देते दिखाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने 28 जुलाई को ही वीडियो को फर्जी घोषित कर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया था।
शिकायत के अनुसार, वीडियो के दृश्य, आवाज़ और संवाद एआई तकनीक से कृत्रिम रूप से तैयार किए गए हैं।
एफआईआर में अभी तक किसी व्यक्ति का नाम नहीं; मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज।

महाराष्ट्र साइबर विभाग ने 1 अगस्त 2026 को कांग्रेस नेता भाई जगताप के एक्स अकाउंट 'भाईजगताप1' से कथित तौर पर साझा किए गए एक एआई-निर्मित भड़काऊ वीडियो के मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वीडियो में एक व्यक्ति को आईपीएस अधिकारी के रूप में दिखाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते और इस्तीफे की घोषणा करते देखा जा सकता है। जाँच के अनुसार, यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग करके तैयार की गई बताई जा रही है।

मामला कैसे सामने आया

शिकायत के अनुसार, यह मामला 31 जुलाई को दोपहर लगभग 2 बजे उस समय प्रकाश में आया जब शिकायतकर्ता सोशल मीडिया ब्राउज़ कर रहा था। इसी दौरान उसे 'भाईजगताप1' नामक एक्स अकाउंट से प्रकाशित एक पोस्ट दिखाई दी, जिसमें 'दिल्ली पुलिस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए' शीर्षक के साथ एक वीडियो साझा किया गया था।

वीडियो में एक व्यक्ति आईपीएस अधिकारी के वेश में यह कहते सुनाई देता है: 'मैं भारतीय पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे रहा हूँ। सरकार मुझसे यह उम्मीद कर रही थी कि मैं प्रेस के सामने आकर सड़कों पर अपने अधिकारों की माँग कर रहे छात्रों के बारे में सरासर झूठ बोलूँ। मुझसे उन्हें दोषी साबित करने के लिए कहा गया था, लेकिन मैं ऐसी किसी भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं बन सकता, जो मुझे सच बोलने से रोकती है।'

एआई से तैयार सामग्री का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत है और एआई तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, दिल्ली पुलिस अधिकारी से संबंधित दृश्य, आवाज़ और संवाद कथित तौर पर कृत्रिम रूप से उत्पन्न और हेरफेर किए गए हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 28 जुलाई को ही इस वीडियो की फैक्ट-चेक कर इसे पूरी तरह फर्जी घोषित कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इस संबंध में सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया था, जिसकी एक प्रति महाराष्ट्र साइबर विभाग को सौंपी गई शिकायत के साथ संलग्न की गई है।

फैक्ट-चेक के बावजूद वीडियो का प्रसार

शिकायतकर्ता का आरोप है कि फैक्ट-चेक के बाद भी 'भाईजगताप1' खाते से साझा किए जाने के बाद वीडियो बिना किसी सत्यापन के प्रसारित होता रहा। शिकायत में कहा गया है कि सामग्री को प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना साझा किया गया, जो जनता को गुमराह करने में सक्षम थी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वीडियो फैलाने का उद्देश्य समाज में भ्रम फैलाना, सरकार के खिलाफ झूठी जानकारी का प्रचार करना और जनता में असंतोष तथा अशांति उत्पन्न करना था।

एफआईआर में किसी का नाम नहीं

हालाँकि विवादित वीडियो भाई जगताप के एक्स अकाउंट पर दिखाई दिया, लेकिन महाराष्ट्र साइबर विभाग ने फिलहाल एफआईआर में किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है और जाँच जारी है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में एआई-जनित फर्जी वीडियो और डीपफेक सामग्री को लेकर कानूनी और नीतिगत बहस तेज़ हो रही है। महाराष्ट्र साइबर विभाग की यह कार्रवाई डिजिटल माध्यमों पर भ्रामक सामग्री के प्रसार के खिलाफ बढ़ती सतर्कता का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे मामले बार-बार सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप के एक्स अकाउंट से शेयर एआई वीडियो मामला क्या है?
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने कांग्रेस नेता भाई जगताप के एक्स अकाउंट 'भाईजगताप1' से साझा किए गए एक एआई-निर्मित वीडियो के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वीडियो में एक व्यक्ति को नकली आईपीएस अधिकारी के रूप में सरकार पर आरोप लगाते और इस्तीफा देते दिखाया गया है।
क्या यह वीडियो असली है?
नहीं। दिल्ली पुलिस ने 28 जुलाई को ही इस वीडियो की फैक्ट-चेक कर इसे पूरी तरह फर्जी घोषित किया था और आधिकारिक सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण भी जारी किया था। शिकायत के अनुसार, वीडियो के दृश्य, आवाज़ और संवाद एआई तकनीक से कृत्रिम रूप से तैयार किए गए हैं।
एफआईआर में भाई जगताप का नाम क्यों नहीं है?
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने फिलहाल एफआईआर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की है। अधिकारियों ने अभी तक किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है और जाँच जारी है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
विभाग ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस के आधिकारिक फैक्ट-चेक की प्रति भी शिकायत के साथ संलग्न की है।
इस मामले का व्यापक असर क्या हो सकता है?
यह मामला भारत में एआई-जनित डीपफेक वीडियो के राजनीतिक दुरुपयोग की बढ़ती चिंता को उजागर करता है। फैक्ट-चेक के बावजूद भ्रामक सामग्री का प्रसार जारी रहना डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और साइबर कानूनों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
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