क्या जालंधर में 'आप' नेता का एडिटेड वीडियो शेयर करने पर एफआईआर दर्ज हुई?
सारांश
Key Takeaways
- आतिशी का एडिटेड वीडियो विवाद का कारण बना है।
- जालंधर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
- फोरेंसिक जांच में वीडियो के एडिटेड होने की पुष्टि हुई है।
- यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
- सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर बहस चल रही है।
जालंधर, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जानकारी दी गई है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी के एडिटेड वीडियो को साझा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के एक प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा की विधायक और नेता प्रतिपक्ष आतिशी के एडिटेड और डॉक्टर्ड वीडियो को अपलोड और सर्कुलेट करने की शिकायत इकबाल सिंह ने की थी। इस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पोस्ट किए गए हैं, जिनमें एक छोटा वीडियो क्लिप है जिसमें विपक्ष की नेता आतिशी कथित तौर पर गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और ईशनिंदा वाली बातें कर रही हैं, और साथ में भड़काऊ कैप्शन भी हैं।
शिकायत के बाद, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के वीडियो को डाउनलोड कर फोरेंसिक जांच के लिए डायरेक्टर, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पंजाब भेजा गया। फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि आतिशी ने अपने ऑडियो में 'गुरु' शब्द का उल्लेख नहीं किया है, जैसा कि सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो क्लिप में दिखाया गया है।
पुलिस ने बताया कि वीडियो के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है ताकि कैप्शन में ऐसे शब्द जोड़े जा सकें, जो आतिशी ने कभी बोले ही नहीं।
यह उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर चर्चा की मांग को लेकर दिल्ली के आप विधायकों ने जबरदस्त हंगामा किया था। इसी हंगामे के दौरान आतिशी माइक बंद होने पर भी सदन में बोल रही थीं। इस वीडियो को साझा कर उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और ईशनिंदा वाली बातें कीं।
हालांकि, जालंधर पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर उनकी जांच ने यह पाया कि वीडियो एडिटेड है। इसके बाद दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।