1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मेटा इंडिया हेड पर FIR के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम DCP वी. अरविंद बाबू ड्यूटी से हटाए गए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मेटा इंडिया हेड पर FIR के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम DCP वी. अरविंद बाबू ड्यूटी से हटाए गए

सारांश

मेटा इंडिया प्रमुख पर FIR दर्ज होने के दो दिन बाद तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के साइबर क्राइम DCP को ड्यूटी से हटा दिया। भाजपा ने इसे 'बदले की कार्रवाई' करार दिया। यह मामला राज्य सरकारों द्वारा साइबर पुलिस इकाइयों के संभावित राजनीतिक उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 1 अगस्त 2026 को हैदराबाद साइबर क्राइम DCP वी.
अरविंद बाबू को ड्यूटी से हटाकर राज्य पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया।
यह कदम मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ PM मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो/तस्वीरें फैलाने को लेकर FIR दर्ज होने के दो दिन बाद उठाया गया।
शिकायतकर्ताओं ने BNS और IT अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई; साईकिरण गौड़ ने 20 सोशल मीडिया लिंक की सूची भी संलग्न की।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन.
रामचंद्र राव ने इस कार्रवाई को 'बदले की भावना से प्रेरित' और 'तुगलकी शासन का चरम उदाहरण' बताया।
मेटा इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी. अरविंद बाबू को 1 अगस्त 2026 को उनके पद से हटाकर राज्य पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया। यह कदम मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लक्षित करने वाले आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर एफआईआर दर्ज होने के महज दो दिन बाद उठाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास के साथ-साथ कई फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री के मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में मामले दर्ज किए थे। ये एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं।

शिकायतें व्यवसायी और भाजपा समर्थक एस. अरविंद रेड्डी तथा तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ता टी. साईकिरण गौड़ ने दर्ज कराई थीं। साईकिरण गौड़ ने अपनी शिकायत के साथ 20 फेसबुक और इंस्टाग्राम लिंक की सूची भी संलग्न की और मेटा के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की।

एफआईआर की पृष्ठभूमि

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इंस्टाग्राम ब्राउज़ करते समय उन्हें ऐसे कई वीडियो और तस्वीरें मिलीं जिनमें प्रधानमंत्री को डिजिटल रूप से बदले गए और भ्रामक तरीके से दर्शाया गया था। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब सरकार ने हाल ही में नीट पेपर लीक को लेकर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई अपमानजनक सामग्री के मामले को गंभीरता से लिया था।

भाजपा की प्रतिक्रिया

तेलंगाना भाजपा ने कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई को 'बदले की भावना से प्रेरित' करार देते हुए कड़ी निंदा की। राज्य भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कांग्रेस जहर और नफरत से इतनी भर गई है कि अब सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। कांग्रेस सरकार ने हैदराबाद के डीसीपी को तब ड्यूटी से हटा दिया, जब उन्होंने पीएम मोदी को निशाना बनाने वाले अपमानजनक, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के लिए मेटा और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।'

राव ने आगे कहा, 'अधिकारी केवल कानून का पालन कर रहे थे और अपना कर्तव्य निभा रहे थे। फिर भी, पीएम मोदी के प्रति अपनी गहरी नफरत के कारण, कांग्रेस सरकार ने उन्हें काम करने के लिए सजा देने का फैसला किया। तेलंगाना 'बनाना रिपब्लिक' में आपका स्वागत है। भारतीय जनता पार्टी बदले की भावना से की गई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है।' राज्य भाजपा के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने भी इस कदम को 'तुगलकी शासन का चरम उदाहरण' बताया।

आम जनता पर असर और आगे क्या

गौरतलब है कि यह विवाद उस व्यापक बहस को और हवा देता है जिसमें सवाल उठाया जाता है कि राज्य सरकारें साइबर क्राइम इकाइयों का उपयोग किस हद तक राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर सकती हैं या उनकी स्वायत्तता को कुंद कर सकती हैं। डीसीपी वी. अरविंद बाबू के स्थानांतरण के बाद हैदराबाद साइबर अपराध इकाई का नेतृत्व किसे सौंपा जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मेटा इंडिया की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे सरकार इसे प्रशासनिक पुनर्गठन क्यों न कहे। यदि अधिकारी वास्तव में कानून के दायरे में काम कर रहे थे, तो यह स्थानांतरण राज्य की साइबर अपराध इकाइयों को एक स्पष्ट संदेश देता है कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में पहल करना जोखिम भरा हो सकता है। दूसरी ओर, भाजपा की शिकायतें और उनके आधार पर दर्ज FIR खुद इस सवाल को जन्म देती हैं कि क्या सत्तारूढ़ दल के समर्थकों की शिकायत पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के देश प्रमुख के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना उचित प्रक्रिया है। यह प्रकरण दर्शाता है कि भारत में साइबर अपराध कानून तेजी से राजनीतिक हथियार बनते जा रहे हैं — और इसमें सभी पक्ष बराबर के भागीदार हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद के DCP वी. अरविंद बाबू को ड्यूटी से क्यों हटाया गया?
तेलंगाना सरकार ने DCP वी. अरविंद बाबू को मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज होने के दो दिन बाद ड्यूटी से हटाकर राज्य पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया। सरकार ने इस कदम का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास के खिलाफ FIR किस आधार पर दर्ज की गई?
FIR भाजपा समर्थक एस. अरविंद रेड्डी और तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ता टी. साईकिरण गौड़ की शिकायतों पर BNS और IT अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री मोदी के मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरें फैलाई गई थीं।
तेलंगाना भाजपा ने DCP के तबादले पर क्या कहा?
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने इस कार्रवाई को 'बदले की भावना से प्रेरित' बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कानून का पालन कर रहे थे और पार्टी ने इसे 'तुगलकी शासन का चरम उदाहरण' करार दिया।
इस FIR का संबंध नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों से कैसे है?
रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई अपमानजनक सामग्री के मामले को गंभीरता से लिया था। इन्हीं प्रदर्शनों के संदर्भ में आपत्तिजनक पोस्ट पर FIR दर्ज करने के तरीके की समीक्षा की गई।
मेटा इंडिया ने इस FIR पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक मेटा इंडिया की ओर से इस FIR या DCP के तबादले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामला फिलहाल जाँच के अधीन है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. कल
  4. 4 दिन पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले