मेटा इंडिया हेड पर FIR के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम DCP वी. अरविंद बाबू ड्यूटी से हटाए गए
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी. अरविंद बाबू को 1 अगस्त 2026 को उनके पद से हटाकर राज्य पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया। यह कदम मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लक्षित करने वाले आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर एफआईआर दर्ज होने के महज दो दिन बाद उठाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास के साथ-साथ कई फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री के मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में मामले दर्ज किए थे। ये एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं।
शिकायतें व्यवसायी और भाजपा समर्थक एस. अरविंद रेड्डी तथा तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ता टी. साईकिरण गौड़ ने दर्ज कराई थीं। साईकिरण गौड़ ने अपनी शिकायत के साथ 20 फेसबुक और इंस्टाग्राम लिंक की सूची भी संलग्न की और मेटा के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की।
एफआईआर की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इंस्टाग्राम ब्राउज़ करते समय उन्हें ऐसे कई वीडियो और तस्वीरें मिलीं जिनमें प्रधानमंत्री को डिजिटल रूप से बदले गए और भ्रामक तरीके से दर्शाया गया था। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब सरकार ने हाल ही में नीट पेपर लीक को लेकर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई अपमानजनक सामग्री के मामले को गंभीरता से लिया था।
भाजपा की प्रतिक्रिया
तेलंगाना भाजपा ने कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई को 'बदले की भावना से प्रेरित' करार देते हुए कड़ी निंदा की। राज्य भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कांग्रेस जहर और नफरत से इतनी भर गई है कि अब सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। कांग्रेस सरकार ने हैदराबाद के डीसीपी को तब ड्यूटी से हटा दिया, जब उन्होंने पीएम मोदी को निशाना बनाने वाले अपमानजनक, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के लिए मेटा और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।'
राव ने आगे कहा, 'अधिकारी केवल कानून का पालन कर रहे थे और अपना कर्तव्य निभा रहे थे। फिर भी, पीएम मोदी के प्रति अपनी गहरी नफरत के कारण, कांग्रेस सरकार ने उन्हें काम करने के लिए सजा देने का फैसला किया। तेलंगाना 'बनाना रिपब्लिक' में आपका स्वागत है। भारतीय जनता पार्टी बदले की भावना से की गई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है।' राज्य भाजपा के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने भी इस कदम को 'तुगलकी शासन का चरम उदाहरण' बताया।
आम जनता पर असर और आगे क्या
गौरतलब है कि यह विवाद उस व्यापक बहस को और हवा देता है जिसमें सवाल उठाया जाता है कि राज्य सरकारें साइबर क्राइम इकाइयों का उपयोग किस हद तक राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर सकती हैं या उनकी स्वायत्तता को कुंद कर सकती हैं। डीसीपी वी. अरविंद बाबू के स्थानांतरण के बाद हैदराबाद साइबर अपराध इकाई का नेतृत्व किसे सौंपा जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मेटा इंडिया की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।