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क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम को दी अंतरिम राहत, सोशल मीडिया पोस्ट 24 घंटे में हटाने का आदेश?

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क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम को दी अंतरिम राहत, सोशल मीडिया पोस्ट 24 घंटे में हटाने का आदेश?

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम को सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो को हटाने का आदेश दिया है। यह मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें गौतम का नाम गलत तरीके से उछाला गया। जानें पूरी कहानी में क्या हुआ?

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम को अंतरिम राहत दी।
सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं का प्रभाव।
अंकिता भंडारी हत्याकांड का संदर्भ।
आगामी सुनवाई 4 मई को होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की जिम्मेदारी।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम द्वारा दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपलोड किए गए सभी पोस्ट और वीडियो तुरंत हटाए जाएं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और अन्य प्रतिवादियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए पोस्ट और वीडियो को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि यदि व्यक्तिगत प्रतिवादियों और राजनीतिक दलों द्वारा 24 घंटे के भीतर पोस्ट नहीं हटाए जाते हैं, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को स्वतः ही सामग्री हटाने का निर्देश दिया जाएगा।

कोर्ट ने प्रतिवादी और उनके एजेंटों को गौतम को इस मामले में कथित वीवीआईपी बताने वाले किसी भी पोस्ट को अपलोड करने या किसी भी सामग्री को पुनः पोस्ट करने से भी रोक दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 मई को तय की है। इस सुनवाई में यह देखा जाएगा कि प्रतिवादियों ने कोर्ट के आदेश का पालन किया या नहीं।

गौरतलब है कि यह मामला उत्तराखंड की चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर इस मामले में दुष्यंत गौतम का नाम गलत तरीके से उछाला गया था।

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। सितंबर 2022 में 19 साल

सोशल मीडिया पर इस मामले की चर्चा और अफवाहों ने दुष्यंत गौतम को भी निशाने पर ला दिया, जिसके चलते उन्होंने मानहानि का केस दर्ज कराया। अब कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य प्रतिवादियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए पोस्ट और वीडियो को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल दुष्यंत गौतम के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के प्रसार को भी रोकने का प्रयास करता है। यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहसें समाज को प्रभावित कर सकती हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम को क्या राहत दी?
दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम को सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया है।
यह मामला किससे संबंधित है?
यह मामला उत्तराखंड की चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई कब तय की है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 मई को तय की है।
राष्ट्र प्रेस
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