28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नोएडा हिंसा मामले में राजद प्रवक्ताओं पर एफआईआर, गलत जानकारी फैलाने का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नोएडा हिंसा मामले में राजद प्रवक्ताओं पर एफआईआर, गलत जानकारी फैलाने का आरोप

सारांश

नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन के बीच प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव पर गलत वीडियो साझा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटनाक्रम प्रशासन के प्रति अविश्वास और भय उत्पन्न करने की कोशिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

प्रियंका भारती और डॉ.
कंचन यादव पर एफआईआर दर्ज हुई।
भ्रामक वीडियो साझा करने का आरोप।
पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की।
समस्याओं का समाधान बातचीत से निकालने का प्रयास।

नोएडा, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रमिकों के मौजूदा प्रदर्शन और आंदोलन के बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है। नोएडा की साइबर थाना पुलिस ने 14 अप्रैल को सोशल मीडिया पर भ्रामक और उत्तेजक वीडियो साझा करने के मामले में प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव सहित कई व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने 11 अप्रैल 2026 के मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक पुराने वीडियो को नोएडा का बताकर प्रसारित किया, जिसमें पुलिस द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट की जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेक्टर-62 में आगजनी का झूठा वीडियो फैलाया। इस सुनियोजित साजिश का उद्देश्य नोएडा के नागरिकों में प्रशासन के प्रति अविश्वास और भय उत्पन्न करना था।

पुलिस के अनुसार, जांच में भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में राजनीतिक पहलू भी सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ताओं प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव के खिलाफ भी नोएडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने गलत वीडियो को नोएडा का बताकर साझा किया, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में भय और अविश्वास की स्थिति बने।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पोस्ट में सुनियोजित तरीके से भड़काऊ और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर पुलिस की छवि को धूमिल करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(1)(बी) और आईटी एक्ट की धारा 66 व 66डी के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के पास इस मामले से पहले प्रदर्शन को लेकर एक चैट भी आई है, जिसमें कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रखने की बात की गई है। लाठीचार्ज के बाद दोबारा इकट्ठा होने की अपील वाले ऑडियो ने प्रशासन की चिंता को और बढ़ा दिया है। पुलिस-प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गया है। वायरल ऑडियो और चैट की सत्यता की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन संदेशों को फैलाने वाले कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है।

अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका भड़काऊ गतिविधियों में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश पर ध्यान न देने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाएगा, इसलिए कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। नोएडा में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि श्रमिकों की मांगों पर बातचीत के जरिए हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा हिंसा मामले में एफआईआर क्यों दर्ज की गई?
प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव सहित कई लोगों पर गलत और भड़काऊ वीडियो साझा करने के कारण एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस की कार्रवाई क्या है?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है, जिसमें आईटी एक्ट की धाराएं शामिल हैं।
प्रशासन इस मामले में क्या कर रहा है?
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
क्या श्रमिकों की मांगों पर चर्चा हो रही है?
हां, प्रशासन का कहना है कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाएगा।
क्या इस मामले में कोई राजनीतिक पहलू है?
हां, जांच में राजनीतिक एंगल सामने आया है, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले