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नोएडा हिंसा का पर्दाफाश: तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं की पहचान, दो गिरफ्तार; पाक संबंधों की जांच जारी

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नोएडा हिंसा का पर्दाफाश: तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं की पहचान, दो गिरफ्तार; पाक संबंधों की जांच जारी

सारांश

नोएडा में हाल ही में हुई मजदूरों की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान कर ली गई है, जिनमें से दो को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पाकिस्तान से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

मुख्य बातें

नोएडा में हुई हिंसा सुनियोजित थी।
पुलिस ने तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की।
पाकिस्तान से जुड़े पहलुओं की जांच चल रही है।
62 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
स्थिति अब सामान्य है, सुरक्षा कड़ी है।

नोएडा, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस ने गौतम बुद्ध नगर में हाल ही में मजदूरों से संबंधित हिंसा के मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि यह हिंसा आकस्मिक नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अशांति फैलाने वाले तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की गई है।

इन तीनों आरोपियों में से दो, रूपेश रॉय और मनीषा चौहान, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी, आदित्य आनंद, अब भी फरार है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, इन तीनों ने नोएडा में मौजूद रहते हुए मजदूरों को भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण दिए थे।

जांच में सोशल मीडिया से जुड़ा एक संदिग्ध पहलू भी सामने आया है। पुलिस ने 'एक्स' के दो हैंडल, मीर इलायासी और आयुषी तिवारी, की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने के लिए किया गया था। प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि ये अकाउंट्स कथित तौर पर पाकिस्तान से वीपीएन सेवाओं का उपयोग करके संचालित किए जा रहे थे और ये लगभग तीन महीनों से सक्रिय थे।

सीमा पार से उभरते संबंधों को देखते हुए, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) सहित केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी इस जांच में सहयोग किया है। अब तक, पुलिस ने हिंसा से संबंधित 13 एफआईआर दर्ज की हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में कथित साजिशकर्ता, आगजनी करने वाले और अन्य उपद्रवी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में शामिल अधिकांश लोग बाहरी थे, जिन्होंने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की।

हालांकि नोएडा में स्थिति सामान्य हो गई है, सुरक्षा अभी भी कड़ी है। पुलिस ने सेक्टर-आधारित तैनाती योजना के तहत फ्लैग मार्च किए हैं और गश्त बढ़ा दी है। औद्योगिक इकाइयों में काम फिर से शुरू हो गया है और मज़दूर काम पर लौट आए हैं। इस बीच, यूपी सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की है और भविष्य के विवादों को निपटाने के लिए एक 'वेज बोर्ड' बनाने का प्रस्ताव रखा है।

अधिकारियों ने कहा कि मजदूरों के साथ हुए समझौतों को लागू करने की कोशिशें जारी हैं, जिससे जमीनी स्तर पर लोगों का भरोसा फिर से कायम करने में मदद मिल रही है।

पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। 'सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम' के प्रावधानों के तहत भी मामले चलाए जाएंगे। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं और आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नोएडा पुलिस ने गंभीरता से हिंसा के इस मामले की जांच की है, जिसे पहले एक आकस्मिक घटना समझा जा रहा था। सामुदायिक स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कार्रवाई और जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से निपटा जा सके।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में हिंसा की वजह क्या थी?
नोएडा में हुई हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसमें तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं की पहचान की गई है।
क्या गिरफ्तार आरोपियों का पाकिस्तान से कोई संबंध है?
जी हाँ, जांच में यह पता चला है कि कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे।
पुलिस ने अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
अब तक पुलिस ने हिंसा से संबंधित 62 लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्या नोएडा में स्थिति सामान्य हो गई है?
हाँ, नोएडा में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन सुरक्षा अभी भी कड़ी है।
क्या सरकार ने मजदूरों के लिए कोई नई नीति बनाई है?
जी हाँ, यूपी सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
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