नोएडा में मजदूरों के विरोध के बीच सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अफवाहों के खिलाफ एफआईआर

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नोएडा में मजदूरों के विरोध के बीच सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अफवाहों के खिलाफ एफआईआर

सारांश

नोएडा में रविवार को मजदूरों के बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि 42,000 मजदूरों ने भाग लिया और कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई।

Key Takeaways

  • प्रदर्शन में 42,000 मजदूर शामिल हुए।
  • सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले खातों के खिलाफ एफआईआर।
  • अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे।
  • मजदूरों की मांगों का समाधान सरकार द्वारा किया जा रहा है।
  • अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर रखी।

नोएडा, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को नोएडा के कुछ क्षेत्रों में तनाव उस समय बढ़ गया जब हजारों मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, लगभग ८३ स्थानों पर करीब ४२ हजार मजदूर एकत्र हुए।

उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रदर्शनों में शांति बनी रही, लेकिन दो स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं।

लक्ष्मी सिंह ने मीडिया को बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और २०० से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने गलत जानकारी फैलाने और अशांति उत्पन्न करने के आरोप में कुछ सोशल मीडिया खातों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की हैं।

अधिकारियों ने कहा कि ७८ स्थानों पर स्थिति को बातचीत के माध्यम से संभाला गया, जिसके बाद मजदूर बातचीत करने के बाद वहां से चले गए। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जो अन्य जिलों से आए थे, उन्होंने हिंसा भड़काने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में बाधा डालने की कोशिश की। यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक समिति ने प्रतिनिधियों से बातचीत करने और मजदूरों की शिकायतों को सुनने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के कार्यालय का दौरा किया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दो सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से फैलाए गए गलत जानकारी के कारण मजदूरों में दहशत उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ स्थानों पर तनाव बढ़ गया। उन्होंने कहा कि इन हैंडल की पहचान कर ली गई है और एफआईआर दर्ज की गई हैं।

शांति बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने मजदूरों से शांति और धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मांगों पर पहले ही चर्चा हो चुकी थी, जिसमें ओवरटाइम के लिए दोगुनी मजदूरी का भुगतान और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों के लिए पॉश समितियों का गठन शामिल है।

अधिकारी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं और सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया है।

Point of View

सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से उत्पन्न तनाव को नियंत्रित करना भी महत्वपूर्ण है। सरकार और प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

नोएडा में मजदूरों का विरोध क्यों हुआ?
नोएडा में मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें ओवरटाइम के लिए दोगुनी मजदूरी का भुगतान शामिल है।
पुलिस ने कितने लोगों को हिरासत में लिया?
पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने और अशांति भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई हैं।
क्या प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे?
ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन दो स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं।
अधिकारियों ने स्थिति को कैसे संभाला?
अधिकारियों ने बातचीत और समझाने-बुझाने के माध्यम से स्थिति को संभाला।
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