नोएडा में मजदूरों के विरोध के बीच सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अफवाहों के खिलाफ एफआईआर
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को नोएडा के कुछ क्षेत्रों में तनाव उस समय बढ़ गया जब हजारों मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, लगभग ८३ स्थानों पर करीब ४२ हजार मजदूर एकत्र हुए।
उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रदर्शनों में शांति बनी रही, लेकिन दो स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं।
लक्ष्मी सिंह ने मीडिया को बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और २०० से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने गलत जानकारी फैलाने और अशांति उत्पन्न करने के आरोप में कुछ सोशल मीडिया खातों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की हैं।
अधिकारियों ने कहा कि ७८ स्थानों पर स्थिति को बातचीत के माध्यम से संभाला गया, जिसके बाद मजदूर बातचीत करने के बाद वहां से चले गए। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जो अन्य जिलों से आए थे, उन्होंने हिंसा भड़काने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में बाधा डालने की कोशिश की। यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक समिति ने प्रतिनिधियों से बातचीत करने और मजदूरों की शिकायतों को सुनने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के कार्यालय का दौरा किया।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दो सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से फैलाए गए गलत जानकारी के कारण मजदूरों में दहशत उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ स्थानों पर तनाव बढ़ गया। उन्होंने कहा कि इन हैंडल की पहचान कर ली गई है और एफआईआर दर्ज की गई हैं।
शांति बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने मजदूरों से शांति और धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मांगों पर पहले ही चर्चा हो चुकी थी, जिसमें ओवरटाइम के लिए दोगुनी मजदूरी का भुगतान और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों के लिए पॉश समितियों का गठन शामिल है।
अधिकारी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं और सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया है।