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नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की

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नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की

सारांश

नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अब तक तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें राजनीतिक दलों से जुड़े छह लोग शामिल हैं।

मुख्य बातें

नोएडा में भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
दो राष्ट्रीय प्रवक्ता और अन्य राजनीतिक व्यक्तियों पर आरोप।
पुलिस ने जनता से अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की।
भ्रामक पोस्टों के कारण शहर में तनाव और हिंसा की घटनाएं हुईं।
कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

नोएडा, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद, पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ जानकारी साझा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संदर्भ में, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कुल 6 व्यक्तियों के खिलाफ अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की दो राष्ट्रीय प्रवक्ता—प्रियंका भारती और कंचना यादव—के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि इन्होंने सोशल मीडिया पर एक पुराना या असंबंधित वीडियो नोएडा का बताकर साझा किया, जिससे शहर में भय और अविश्वास का माहौल उत्पन्न हुआ।

पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई, ताकि पुलिस की छवि को धूमिल किया जा सके और जनता को भड़काया जा सके। इन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(बी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 तथा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि ऐसे भ्रामक नैरेटिव कानून-व्यवस्था को गंभीरता से प्रभावित करते हैं। इसी मामले में एक और एफआईआर थाना सेक्टर-20 में दर्ज की गई है, जिसमें अनुषी तिवारी और मीर इलयासी का नाम शामिल है। एफआईआर में बताया गया है कि दोनों का संबंध कांग्रेस पार्टी से है।

आरोप है कि अनुषी तिवारी ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया था कि नोएडा में पुलिस की गोलीबारी में 14 लोगों की मृत्यु हो गई और 32 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक बताया है। पुलिस का कहना है कि इन पोस्टों के कारण शहर में तनाव बढ़ा, जिसके चलते कुछ स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था में इन भ्रामक पोस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नोएडा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में अविश्वास और भय को कम करने के लिए भी आवश्यक है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किस कारण से एफआईआर दर्ज की गई?
एफआईआर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा करने के कारण दर्ज की गई है, जिससे शहर में तनाव बढ़ गया।
कौन-कौन से राजनीतिक दलों से जुड़े लोग शामिल हैं?
इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी से जुड़े व्यक्तियों का नाम शामिल है।
पुलिस ने किस धारा के तहत कार्रवाई की?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(बी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66 और 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया।
क्या पुलिस ने जनता से कोई अपील की है?
जी हां, पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।
भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे?
पुलिस ने चेतावनी दी है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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