नागालैंड के राज्यपाल ने युवाओं से नवाचार के प्रति आकर्षित होने और मेहनत करने की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- राज्यपाल ने युवाओं को मेहनत और शिक्षा का महत्व बताया।
- पर्यटन में अपार संभावनाएं हैं जो विकसित की जानी चाहिए।
- नवाचार और उद्यमिता पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- महिलाओं की क्षमता पर जोर दिया गया।
- तकनीक का सही उपयोग महत्वपूर्ण है।
कोहिमा, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने शनिवार को कहा कि राज्य में पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भारी संभावनाएं विद्यमान हैं, लेकिन इसके लिए नागालैंड की पुरानी धारणाओं को बदलने की आवश्यकता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दीमापुर के ईडन हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने शनिवार को शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत कोहिमा स्थित लोक भवन का दौरा किया। संवाद सत्र में राज्यपाल ने बताया कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए, नागालैंड को भी देश के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ना अनिवार्य है।
उन्होंने छात्रों और युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन से पढ़ाई करने और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि सफलता पाने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी ही युवाओं का एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार, उद्यमिता और रचनात्मक क्षेत्रों में भी अवसरों की खोज करनी चाहिए।
राज्यपाल ने महिलाओं की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि वे पुरुषों के समान सक्षम हैं और सभी को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने तकनीक के सही उपयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए इसके सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे जयप्रकाश नारायण से प्रेरित होकर छात्र आंदोलन में शामिल हुए और बाद में सार्वजनिक जीवन में आए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा की प्रेरणा भीतर से आनी चाहिए और समाज से मिले अवसरों का प्रतिदान करना भी आवश्यक है।
राज्यपाल ने युवाओं को अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने, बड़े सपने देखने और उन्हें प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से चुनौतियों का सामना किया। यह दौरा छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुआ।
एक अन्य कार्यक्रम में राज्यपाल ने कोहिमा स्थित कोहिमा का कैथेड्रल का दौरा किया, जो राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और आध्यात्मिक आस्था तथा सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
इस दौरान उन्होंने समाज में शांति, करुणा, शिक्षा और सेवा के मूल्यों को बढ़ावा देने में चर्च की भूमिका की सराहना की। अपनी विशिष्ट वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध यह कैथेड्रल नागालैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है।