नागालैंड: राज्यपाल नंद किशोर यादव ने डीजीपी को महिला सुरक्षा पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने 20 जून 2026 को कोहिमा स्थित राजभवन (लोक भवन) में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रुपिन शर्मा के साथ समीक्षा बैठक की और राज्य में महिलाओं — विशेषकर नाबालिग लड़कियों — के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। राज्यपाल ने डीजीपी को कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर ऐसे मामलों में त्वरित, प्रभावी और दृष्टांत स्थापित करने वाली कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में क्या हुआ
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल यादव ने महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों की मौजूदा स्थिति तथा पुलिस की कार्रवाई का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने डीजीपी शर्मा को राज्यभर में हमलों और यौन अपराधों की समग्र समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में बिना किसी विलंब के कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस को जारी मुख्य निर्देश
राज्यपाल ने पुलिस विभाग को चार प्रमुख दिशाओं में काम करने के निर्देश दिए। पहला — निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना; दूसरा — पीड़ितों को समय पर सहायता, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराना; तीसरा — सभी मामलों की शीघ्र जाँच सुनिश्चित करना; और चौथा — अपराध रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना।
यह ऐसे समय में आया है जब नागालैंड में महिला सुरक्षा को लेकर सामाजिक चिंताएँ बढ़ रही हैं और नागरिक समाज संगठन प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
डीजीपी का जवाब
डीजीपी रुपिन शर्मा ने बैठक में राज्यपाल को वर्तमान स्थिति, चल रही जाँचों और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस ने रोकथाम के मजबूत तंत्र विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई।
सोशल मीडिया पर अपुष्ट सामग्री को लेकर चेतावनी
इसी बीच नागालैंड पुलिस मुख्यालय ने एक अलग एडवाइजरी जारी कर सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश, तस्वीरें और वीडियो साझा करने को लेकर लोगों को सावधान किया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सोशल मीडिया समूहों के एडमिन और सदस्य किसी भी सामग्री को पोस्ट, साझा या फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच करें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सामग्री आपत्तिजनक, भ्रामक, गैरकानूनी या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ समूह प्रशासक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नफरत, हिंसा, दहशत या सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने वाली सामग्री साझा करने से बचें।
आगे क्या
राज्यपाल के निर्देशों के बाद अब नजरें नागालैंड पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं — विशेष रूप से यह देखना होगा कि लंबित मामलों में जाँच की गति कितनी तेज होती है और रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं। राज्य में सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना प्रशासन की प्राथमिकता बताई गई है।