नागालैंड के राज्यपाल ने पीएम मोदी से मुलाकात कर विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई
सारांश
Key Takeaways
- नागालैंड के राज्यपाल ने पीएम मोदी से मुलाकात की।
- राज्य के विकास और शांति के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
- राज्यपाल का राजनीतिक अनुभव महत्वपूर्ण है।
- नागालैंड में बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है।
- युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की गई।
कोहिमा, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
कोहिमा में लोक भवन के एक अधिकारी के अनुसार, राज्यपाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात कर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
अधिकारी ने बताया कि नागालैंड के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के साथ पहली औपचारिक मुलाकात थी।
बैठकों के दौरान राज्यपाल ने सभी नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और नागालैंड के विकास, शांति और प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
१३ मार्च को नागालैंड के २३वें राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के बाद, यादव लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं और अलग-अलग समुदायों के लोगों से संवाद कर रहे हैं।
इससे पूर्व, नागालैंड के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे क्षेत्र में नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी पहलों के माध्यम से पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ उसकी विशेष पहचान और परंपराओं को भी संरक्षित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने बताया कि नागालैंड में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, कृषि, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।
उन्होंने नागालैंड के युवाओं की भी सराहना की और कहा कि शिक्षा, खेल, कला, उद्यमिता और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं।
७३ वर्षीय यादव ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत १९६९ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की थी और १९७१ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष (१९९८-२००३) रहे और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
फरवरी २०२४ में वे बिहार विधानसभा के १७वें अध्यक्ष चुने गए थे। पटना साहिब (पूर्व में पटना पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक रह चुके यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाए जाने को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।