नंदकिशोर यादव की नागालैंड में राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर संजय सरावगी का आभार
सारांश
Key Takeaways
- नंदकिशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
- संजय सरावगी ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।
- ये नियुक्तियां राज्यों में शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
पटना, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त करने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद दिया है। नंदकिशोर यादव जो बिहार विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं, विभिन्न विभागों में मंत्री और बिहार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, उन्हें नागालैंड का नया राज्यपाल बनाया गया है।
भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नागालैंड के राज्यपाल के रूप में नंदकिशोर यादव की नियुक्ति के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कश्मीर की समस्या के समाधान में भी उनके योगदान को महत्व दिया।
गुरुवार को केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की महत्वपूर्ण नियुक्तियां कीं। नंदकिशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के मौजूदा राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार में तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। वहीं, तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों को केंद्र सरकार की ओर से राज्यों में शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में डॉ. सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद आरएन रवि की नियुक्ति महत्वपूर्ण है। रवि पहले तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार के साथ कई मुद्दों पर विवादों में रहे हैं। उनकी नई जिम्मेदारी में राज्यपाल भवन और तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच संबंधों पर सबकी नजरें टिकी हैं।