मणिपुर के राज्यपाल ने युवा सशक्तिकरण और कृषि नवाचार को बताया भविष्य की कुंजी

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मणिपुर के राज्यपाल ने युवा सशक्तिकरण और कृषि नवाचार को बताया भविष्य की कुंजी

सारांश

मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने ‘एग्री-यूथ पार्लियामेंट-2026’ में युवाओं के सशक्तिकरण और नवाचार को कृषि का भविष्य बताया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • युवाओं का सशक्तिकरण कृषि में नवाचार का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
  • स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना आवश्यक है।
  • जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
  • पारंपरिक कृषि पद्धतियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना चाहिए।
  • क्षेत्रीय सहयोग से टिकाऊ कृषि विकास संभव है।

इंफाल, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने शनिवार को स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत’ का सपना केवल युवाओं के सशक्तिकरण और कृषि में नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने से ही पूरा किया जा सकता है।

इंफाल में स्थित सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘एग्री-यूथ पार्लियामेंट-2026’ का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने बताया कि यह मंच युवाओं और विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाकर पूर्वोत्तर में कृषि के भविष्य को दिशा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र, विशेष रूप से मणिपुर, प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान से परिपूर्ण है। राज्यपाल ने चकहाओ (ब्लैक राइस), कचाई लेमन और तमेंगलोंग ऑरेंज जैसे उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये राज्य की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक समृद्धि को दर्शाते हैं।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक सहयोग, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से इन उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

राज्यपाल ने पारंपरिक कृषि पद्धतियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने, जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे और बाजार संपर्क को मजबूत करने और युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से सार्थक विचार-विमर्श और साझेदारियां विकसित होंगी, जो कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत, लाभकारी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता करेंगी।

‘फ्यूचरिस्टिक एग्रीकल्चर फॉर नॉर्थईस्ट भारत: सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन एंड ऑपर्च्युनिटीज’ थीम पर आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम कृषि और संबंधित क्षेत्रों में उभरते शोध, तकनीकी प्रगति और नवाचारों पर केंद्रित है।

उद्घाटन से पूर्व, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति अनुपम मिश्रा के साथ विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल का निरीक्षण किया और प्रतिभागियों, नवोन्मेषकों और उद्यमियों से बातचीत की।

इस अवसर पर दिपज्योति राजखोवा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

राज्यपाल ने इस मौके पर एक स्मारिका-सह-सार पुस्तक का भी विमोचन किया।

‘एग्री-यूथ पार्लियामेंट-2026’ से क्षेत्र में संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो पूर्वोत्तर में टिकाऊ और समावेशी कृषि विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Point of View

NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

मणिपुर के राज्यपाल ने कृषि के लिए कौन सी पहल की?
राज्यपाल ने युवा सशक्तिकरण और कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने की बात की।
‘एग्री-यूथ पार्लियामेंट-2026’ का उद्देश्य क्या है?
यह कार्यक्रम युवाओं और विभिन्न हितधारकों को मिलाकर कृषि के भविष्य को दिशा देने का अवसर प्रदान करता है।
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